By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 01, 2026
देश में भीषण गर्मी पड़ने और मानसून में देरी के कारण जून में बिजली की खपत 11.62 प्रतिशत बढ़कर 166.46 अरब यूनिट रही। मानसून में देरी और गर्मी के कारण एयर कंडीशनर जैसे ठंडक देने वाले उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की खपत बढ़ी है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली। देश में कुल बिजली खपत बीते वर्ष जून में 149.13 अरब यूनिट थी। पिछले महीने बिजली की अधिकतम मांग भी बढ़कर 264.76 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) हो गई, जो जून, 2025 में 242.77 गीगावाट थी।
बिजली की अधिकतम मांग मई, 2026 में बढ़कर 270.82 गीगावट के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी, जबकि 2025 में इसी महीने में यह 230.99 गीगावाट रही थी। इस साल मई में लगातार चार दिन तक बिजली की अधिकतम मांग रिकॉर्ड स्तर पर रही।
18 मई को यह 257.37 गीगावाट, 19 मई को 260.45 गीगावाट, 20 मई को 265.44 गीगावाट और 21 मई को 270.82 गीगावाट रही थी। बिजली मंत्रालय के अनुसार, इस साल गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग 270 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। बिजली की अधिकतम मांग पिछली गर्मियों में, जून में 242.77 गीगावाट रही थी। हालांकि, यह सरकार के 277 गीगावाट के अनुमान से कम रही।