By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 11, 2022
नई दिल्ली। मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) ध्रुव कटोच ने युद्ध के दौरान मीडिया की भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा है कि अगर सेना के पास हथियार हैं, तो पत्रकारों के पास कलम है। युद्ध के दौरान जितनी महत्वपूर्ण भूमिका हथियारों की होती है, उतना ही अहम स्थान पत्रकारों की कलम का भी है। मेजर जनरल कटोच शुक्रवार को भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) द्वारा आयोजित कार्यक्रम 'शुक्रवार संवाद' को संबोधित कर रहे थे।
मेजर जनरल कटोच के अनुसार युद्ध के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बात है, सच बोलना। अगर आप ऐसा नहीं करेंगे, तो आपके मीडिया हाउस की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि युद्ध चौबीसों घंटे नहीं होता है। इसलिए एक रिपोर्टर के रूप में आपको इस ब्रेक टाइम का उपयोग अधिकारियों के साक्षात्कार और मानवीय कहानियों को सामने लाने में करना चाहिए। युद्ध रिपोर्टिंग का मूलभूत सिद्धांत 'सत्य' है, लेकिन सत्य के कई पहलू हैं। इसलिए अपना सत्य सावधानी से चुनें। अपने आप को और भारतीय सेना को एक टीम समझें। तभी आप एक अच्छे वॉर जर्नलिस्ट बन सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन आईआईसमी, जम्मू कैंपस के क्षेत्रीय निदेशक प्रो. (डॉ.) राकेश गोस्वामी ने किया एवं स्वागत भाषण डीन (छात्र कल्याण) एवं आउटरीच विभाग के प्रमुख प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार ने दिया। धन्यवाद ज्ञापन आउटरीच विभाग में अकादमिक सहयोगी सुश्री सलोनी सैनी ने किया।