लोग कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करने में ढिलाई बरत रहे : एम्स के निदेशक गुलेरिया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 23, 2021

नयी दिल्ली, 22 दिसंबर देश में ओमीक्रोन स्वरूप के मामलों में वृद्धि के बीच बुधवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने पर जोर देते हुए कहा कि लोग इन मानदंडों का पालन करने में ढिलाई बरत रहे हैं।

गुलेरिया ने कहा, ‘‘यह देखा गया है कि लोग कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करने में ढिलाई बरतने लगे हैं।’’ गुलेरिया ने कहा, ‘‘ओमीक्रोन बेहद संक्रामक है। इसलिए कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करना बहुत जरूरी है। लोगों को नियमित रूप से मास्क पहनना चाहिए, उचित दूरी बनाए रखनी चाहिए और ऐसे समारोहों से बचना चाहिए जहां से बड़े स्तर पर संक्रमण फैलने की आशंका है।’’

केंद्र ने मंगलवार को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा कि कोरोना वायरस का ओमीक्रोन स्वरूप, डेल्टा की तुलना में कम से कम तीन गुना अधिक संक्रामक है और आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय किए जाने के साथ ही जिला एवं स्थानीय स्तर पर सख्त एवं त्वरित रोकथाम कार्रवाई की जानी चाहिए।

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने जांच और निगरानी बढ़ाने के अलावा रात में कर्फ्यू लगाने, बड़ी सभाओं का सख्त नियमन, शादियों और अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में लोगों की संख्या कम करने जैसे रणनीतिक निर्णय को लागू करने की सलाह दी।

क्या देश में दिए गए टीके नए स्वरूप के खिलाफ प्रतिरक्षा विकसित करने में प्रभावी हैं, इस सवाल पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कहा कि उपलब्ध डेटा सीमित हैं और ओमीक्रोन के लिए टीके की प्रभावकारिता या असर पर विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा आधारित प्रमाण अभी उपलब्ध नहीं है।

मांडविया ने कहा, ‘‘इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मौजूदा टीके कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के खिलाफ काम नहीं करते हैं, हालांकि स्पाइक जीन पर कुछ उत्परिवर्तन मौजूदा टीकों की प्रभावकारिता को कम कर सकते हैं।

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