By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 23, 2023
जब चंद्रयान -3 चंद्रमा की सतह के करीब पहुंचा था तब समूचे देश ने अपनी सांस रोक ली थी और जैसे ही भारत ने चंद्रमा के सतह को सफलतापूर्वक स्पर्श कर लेने वाला चौथा देश बनकर इतिहास रचा, लोग खुशी के मारे उछल पड़े। लोग चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान -3 के उतरने के संबंध में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा किये गये सीधा प्रसारण को देखने के लिए शिक्षण संस्थानों, कार्यालयों, शहर के चौराहों और धार्मिक स्थलों पर एकत्र हुए थे। अभी तक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर कोई भी देश नहीं पहुंचा है। लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस से भारत का चंद्र मिशन चंद्रयान -3 बुधवार शाम छह बजकर चार मिनट पर चंद्रमा की सतह पर उतरा और भारत चंद्रमा पर पहुंचने वाले चार विशिष्ट देशों के क्लब में शामिल हो गया एवं उसके दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बन गया।
मंडोली में अल जमीयतुल इस्लामिया इस्लाहुल बनत मदरसे की करीब 150 छात्राओं ने निर्धारित लैंडिंग से पूर्व विशेष प्रार्थना की। सॉफ्ट लैंडिंग इसरो की वेबसाइट, यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेज और डीडी नेशनल टीवी चैनल समेत विभिन मंचों पर दिखायी गयी। देशभर में विद्यार्थी अपने विद्यालयों तथा महाविद्यालय परिसरों में चंद्रयान -3 की लैंडिंग का सीधा प्रसारण देखने केलिए टीवी स्क्रीन और बड़े टेलीविजन सेट से चिपक रहे। इसरो ने सभी विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों से अपने विद्यार्थियों एवं अध्यापकों के बीच इस कार्यक्रम का काफी प्रचार करने तथा सीधा प्रसारण का इंतजाम करने की अपील की थी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भी विश्वविद्यालयों एवं आईआईटी, आईआईएम जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों से इस मिशन का सीधा प्रसारण करने को कहा था। जम्मू में लॉरेंस पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने यह ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग देखी। कक्षा नौ की छात्रा सुनीता ने पीटीआई-से कहा, ‘‘ हम चंद्रमा पर चंद्रयान 3 की लैंडिंग देखकर बहुत रोमांचित हैं। यह भारत के लिए इतिहास है।’’ ओडिशा में जगन्नाथ मंदिर के पुरोहित 12 वीं सदी के इस धर्मस्थल के सिंहद्वारा के सामने इकट्ठा होकर इस मिशन की सफलता के लिए दीये जलाये।