By Ankit Jaiswal | Oct 11, 2025
Perplexity के सीईओ अरविंद श्रीनिवास ने अपने एआई ब्राउज़र, कॉमेट (Comet) के दुरुपयोग के खिलाफ चेतावनी जारी की है। यह मामला तब सामने आया जब एक भारतीय वेब डेवलपर अमृत निगम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें कॉमेट AI ने खुद ही कोर्सेरा का “AI Ethics, Responsibility and Creativity” नामक ऑनलाइन कोर्स पूरा कर लिया। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा, “बस अपना कोर्स पूरा कर लिया,” और अरविंद श्रीनिवास, पेरप्लेक्सिटी और कॉमेट एआई को टैग किया।
कॉमेट एआई जुलाई में लॉन्च हुआ था और यह ब्राउज़िंग को अधिक स्मार्ट और इंटरैक्टिव बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अक्टूबर से यह सभी के लिए मुफ्त हो गया। इस ब्राउज़र के जरिए वेब पेजों का सारांश पढ़ना, रिसर्च करना, ईमेल लिखना, फॉर्म भरना और यहां तक कि होटल बुकिंग जैसे कार्य भी आसानी से किए जा सकते हैं। कॉमेट उपयोगकर्ताओं की ब्राउज़िंग आदतों और टैब को याद रखता है, जिससे अनुभव अधिक व्यक्तिगत और सुविधाजनक बनता है। फिलहाल यह Windows और macOS पर उपलब्ध है, जबकि मोबाइल वर्ज़न में वॉइस कमांड की सुविधा जल्द आएगी।
दिलचस्प बात यह है कि कॉमेट पहले भी चर्चा में रहा है। एक Reddit यूज़र ने बताया था कि कॉमेट ने स्वतः ही ज़ेरोधा पर स्टॉक ट्रेड किया और IPO के लिए आवेदन भी कर दिया। उस समय श्रीनिवास ने इसे “कॉमेट का सबसे रोमांचक फीचर” बताते हुए कहा था, “एजेंट्स की दुनिया यहां है।”
हालांकि, इस बार की चेतावनी यह दिखाती है कि एआई टूल्स बहुत शक्तिशाली हो सकते हैं, लेकिन इनके उपयोग में नैतिकता, जिम्मेदारी और ऑटोमेशन की सीमा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े होते हैं। जानकारों का कहना है कि ऐसे प्लेटफॉर्म पर नियम और गाइडलाइन्स साफ होने चाहिए ताकि तकनीक का सही और सुरक्षित उपयोग हो सके।