फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ याचिका खारिज, सरकार से अलग विचार होना राजद्रोह नहीं: SC

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 03, 2021

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने अनुच्छेद 370 को निरस्त किये जाने को लेकर दिये गये बयान पर नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ कार्रवाई किये जाने के अनुरोध वाली एक जनहित याचिका बुधवार को खारिज कर दी। न्यायालय ने कहा कि सरकार की राय से अलग विचारों की अभिव्यक्ति को राजद्रोह नहीं कहा जा सकता है। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की एक पीठ ने याचिका को खारिज कर दिया और ऐसे दावे करने के लिए याचिकाकर्ताओं पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। पीठ ने कहा, ‘‘सरकार की राय से भिन्न विचारों की अभिव्यक्ति को राजद्रोह नहीं कहा जा सकता है।’’

इसे भी पढ़ें: विजय हजारे ट्रॉफी नॉकआउट में सौराष्ट्र की कप्तानी करेंगे उनादकट

याचिका में कहा गया है, ‘‘श्री फारूक अब्दुल्ला ने भारतीय दंड संहिता की धारा 124-ए के तहत एक दंडनीय अपराध किया है। जैसा कि उन्होंने बयान दिया है कि अनुच्छेद 370 को बहाल कराने के लिए वह चीन की मदद लेंगे जो स्पष्ट रूप से राजद्रोह का कृत्य है और इसलिए उन्हें आईपीसी की धारा 124-ए के तहत दंडित किया जाना चाहिए।

प्रमुख खबरें

Noida International Airport का नाम Narendra Modi के नाम पर रखने को UP Cabinet की मंजूरी

IAF प्रमुख AP Singh बोले, युद्ध के बदलते तौर-तरीकों को भांपने वाले ही हासिल करते हैं जीत

BJP सिर्फ़ आर्थिक आतंकवाद फैलाती है, Congress अध्यक्ष Mallikarjun Kharge का वार

World Mental Health Day पर Screen Time घटाएं, दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें