यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर के खिलाफ याचिका, SC ने जताई नाराजगी

By अभिनय आकाश | Dec 04, 2024

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश गैंगस्टर्स और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम कठोर प्रतीत होता है। न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने यह टिप्पणी तब की जब वह एक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने मई 2023 के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसके खिलाफ जिला अदालत में लंबित कार्यवाही को रद्द करने की मांग करने वाली उसकी अर्जी खारिज कर दी गई थी। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह अधिनियम कठोर प्रतीत होता है। पीठ ने अपील स्वीकार करते हुए कहा कि हम इस पर विचार करेंगे। 

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हाईकोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि उसे गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में झूठा फंसाया गया है। उनके वकील ने उच्च न्यायालय के समक्ष दावा किया था कि गैंगस्टर अधिनियम के तहत मामला केवल एक अन्य मामले के आधार पर दर्ज किया गया है जिसमें याचिकाकर्ता का नाम नहीं है। 

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