मस्जिदों में लाउडस्पीकर लगाने की मांग वाली याचिका खारिज, हाई कोर्ट ने कहा- यह कोई मौलिक अधिकार नहीं है

By रेनू तिवारी | May 06, 2022

उत्तर प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र तक पिछले काफी दिनों से लाउडस्पीकर को लेकर विवाद चल रहा है। उत्तर प्रदेश में अब तक कई मुख्य जगहों से लाउडस्पीकर को हटा भी दिया है। अब पांच टाइम की नमाज बिना लाउडस्पीकर के पढ़ी जा रही हैं लेकिन कुछ लोग अभी भी लाउडस्पीकर को हटाने के फैसले से सहमत नहीं है। वह सरकार के इस फैसले का लगातार विरोध कर रहे हैं। यह मामला कोर्ट तक भी पहुंच गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिदों में लाउडस्पीकर लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा, मस्जिदों में लाउडस्पीकर लगाना मौलिक अधिकार नहीं है। न्यायमूर्ति विवेक कुमार बिड़ला और न्यायमूर्ति विकास की खंडपीठ ने बुधवार को आदेश पारित करते हुए कहा, "कानून कहता है कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करना संवैधानिक अधिकार नहीं है।"

याचिकाकर्ता इरफान ने बदायूं जिले की बिसौली तहसील के उप-जिलाधिकारी द्वारा तीन दिसंबर 2021 को पारित आदेश से व्यथित होकर उच्च न्यायालय का रुख किया था। उप-जिलाधिकारी ने गांव की मस्जिद में अजान के समय लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति मांगने वाली इरफान की अर्जी खारिज कर दी थी। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि उक्त आदेश पूरी तरह से अवैध है और यह मस्जिद में लाउडस्पीकर बजाने के याचिकाकर्ता के मौलिक एवं विधिक अधिकारों का हनन करता है। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील की दलील खारिज करते हुए कहा, “अब यह बात कानून में स्पष्ट की जा चुकी है कि मस्जिद में लाउडस्पीकर का उपयोग मौलिक अधिकार नहीं है।” अदालत ने कहा, “उक्त आदेश में एक ठोस कारण बताया गया है। इस तरह हमें लगता है कि मौजूदा याचिका साफतौर पर गलत है, लिहाजा इसे खारिज किया जाता है।

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योगी का ऐलान धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकरों की आवाज परिसर के बाहर ना जाए

हाल ही में उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकरों की आवाज परिसर के बाहर नहीं सुनाई जानी चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों पर अनुमति के साथ लाउडस्पीकर का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन ध्वनि परिसर से बाहर नहीं आनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि लाउडस्पीकरों के लिए कोई नया परमिट जारी नहीं किया जाएगा। योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद, राज्य में 17,000 धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की मात्रा को राज्य के मंदिरों और मस्जिदों सहित सभी धार्मिक स्थलों के लिए निर्धारित मानकों तक कम कर दिया गया था।

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