Fuel Prices Hiked In India | पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर 90 पैसे की बढ़ोतरी, दो साल बाद रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचे दाम

By रेनू तिवारी | May 19, 2026

वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच देश में आम उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। एक हफ्ते से भी कम समय में ईंधन के दामों में यह दूसरी बड़ी वृद्धि है। इससे पहले बीते शुक्रवार को पेट्रोल-डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर का बड़ा इजाफा किया गया था, जो पिछले चार वर्षों में एक दिन की सबसे बड़ी बढ़ोतरी थी। इस ताज़ा वृद्धि के बाद देश के प्रमुख महानगरों में ईंधन की कीमतें मई 2022 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुँच गई हैं।

फरवरी में शुरू हुए ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में तेजी आई है। इसको देखते हुए सरकारी खुदरा पेट्रोलियम कंपनियों ने अपने बढ़ते नुकसान का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने का निर्णय किया। इससे पहले पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों में विधानसभा चुनावों के बीच ईंधन के दाम स्थिर रखे गये थे। विभिन्न राज्यों में मूल्य वर्धित कर (वैट) में अंतर के कारण ईंधन कीमतें अलग-अलग हैं। पेट्रोल और डीजल के अलावा दिल्ली और मुंबई सहित कई शहरों में 15 मई को सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) की कीमतों में दो रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गयी थी।

रविवार को सीएनजी की कीमत में फिर से एक रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गयी। अमेरिका और इजराइल के 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद वैश्विक तेल की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य के बाधित होने से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इस वृद्धि के बावजूद, खुदरा ईंधन की दरें दो साल पुरानी दरों पर ही स्थिर रखी गईं। सरकार का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं को बढ़ती वैश्विक ऊर्जा लागत से बचाने के लिए उठाया गया।

हालांकि विपक्षी दलों ने कहा कि सरकार ने राजीनीतिक मकसद से दाम नहीं बढ़ाये क्योंकि कई महत्वपूर्ण राज्यों में चुनाव हो रहे थे। बीते शुक्रवार को तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि चुनावों के बाद और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल सहित पांच में से तीन राज्यों में जीत हासिल करने के बाद हुई। हालांकि यह वृद्धि लागत के अनुरूप दरों को संतुलित करने के लिए आवश्यक वृद्धि का केवल पांचवां हिस्सा ही थी। सोमवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा था कि 15 मई की वृद्धि से नुकसान में एक चौथाई की कमी आई है और तेल कंपनियां अब भी प्रतिदिन लगभग 750 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं।

मंगलवार की बढ़ोतरी के बाद, पेट्रोल और डीजल की कीमतें अब मई 2022 के बाद से उच्चतम स्तर पर हैं। उल्लेखनीय है कि ईंधन के दाम में अप्रैल 2022 से कोई कोई वृद्धि नहीं हुई थी। हालांकि मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती की गयी थी।

आखिरी बार कीमतों में वृद्धि अप्रैल 2022 में हुई थी। अब इस वृद्धि के बाद मुंबई में पेट्रोल की कीमत अब 107.59 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 94.08 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 109.70 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 96.07 रुपये प्रति लीटर है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 104.49 रुपये और डीजल की कीमत 96.11 रुपये हो गई है। उद्योग सूत्रों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि की तुलना में बढ़ाया गया मूल्य कम है। इसके बाद भी खुदरा ईंधन विक्रेताओं को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। क्रिसिल के अनुसार, तेल कंपनियों को 15 मई को मूल्य वृद्धि के बाद पेट्रोल पर लगभग 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर का नुकसान है। ये दोनों मूल्य वृद्धि मार्च में घोषित उत्पाद शुल्क कटौती के साथ ही सरकार के ईंधन की खपत को कम करने और देश के तेल आयात बिल को नियंत्रित करने के उपायों के साथ हुई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्रा को स्थगित करने जैसे उपायों का आह्वान किया है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ रहा है और लगातार तीसरे वर्ष चालू खाते का घाटा बढ़ने का खतरा है। कुछ राज्य सरकारों ने पहले ही विभागों को यात्रा सीमित करने, आमने-सामने की बैठकों से बचने और कम कर्मचारियों के साथ कार्यालय चलाने के निर्देश दिए हैं।

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निजी ईंधन खुदरा विक्रेताओं ने पहले ही पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी थीं। देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन विक्रेता कंपनी नायरा एनर्जी ने मार्च में पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की, जबकि शेल ने एक अप्रैल से पेट्रोल की कीमत में 7.41 रुपये और डीजल की कीमत में 25 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की। बेंगलुरु में शेल 119.85 रुपये प्रति लीटर और डीजल 123.52 रुपये प्रति लीटर पर बेच रही है। घरेलू खाना पकाने की गैस एलपीजी की कीमत में मार्च में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गई, लेकिन यह अभी भी वास्तविक लागत से काफी कम है। तेल कंपनियों को 14.2 किलोग्राम एलपीजी के एक सिलेंडर पर 674 रुपये का नुकसान हो रहा है।

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उद्योग सूत्रों के अनुसार ऐसा लगता है कि मूल्य वृद्धि सोच-विचार कर की जा रही है। यह वृद्धि एक तरफ तेल कंपनियों पर मार्जिन के दबाव को आंशिक रूप से कम करने के लिए पर्याप्त है, वहीं दूसरी तरफ इससे मुद्रास्फीति का कोई बड़ा झटका नहीं लगेगा। हालांकि, उनका कहना है कि इस वृद्धि का महंगाई पर कुछ प्रभाव जरूर पड़ेगा।

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