By अभिनय आकाश | Feb 17, 2022
राजस्थान के कोटा में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने रैली की और कांग्रेस शासित राज्य में इसे इजाजत दी गई। अब बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है। बीजेपी का आरोप है कि पीएफआई कई राज्यों में प्रतिबंधित है। वो कई देश विरोधी गतिविधियों में और कई कट्टरवादी गतिविधियों में शामिल रहा है। लेकिन फिर भी उसे प्रदर्शन करने की इजाजत दे दी गई।
पीएफआई की यूनिटी मार्च
पीएफआई ने कहा कि उसके संगठन के 75 सल पूरे हो गए हैं और इसीलिए वो अलग-अलग जगह पर रैली निकालना चाहते हैं। कोटा में निकाली गई रैली को यूनिटी मार्च नाम दिया गया। जिसकी इजाजत जिला प्रशासन की तरफ से दी गई। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने गुरुवार 17 फरवरी को राजस्थान के कोटा जिले में एकता मार्च निकाला। यह मार्च सुबह 11 बजे शुरू हुई। संगठन ने अपने 'रिपब्लिक बचाओ' अभियान के तहत एकता मार्च निकालने की योजना बनाई। मार्च कोटा में सेवन वंडर्स पार्क से शुरू हुआ और नयापुरा स्टेडियम में समाप्त हुआ। इसकी अध्यक्षता मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद आसिफ ने की, जबकि मुख्य अतिथि पूर्व राज्यसभा सांसद मौलाना ओबेदुल्ला खान आजमी रहे।
बीजेपी ने साधा निशाना
भाजपा ने एनआईए द्वारा घोषित कट्टरपंथी संगठन को राजस्थान के राजनीतिक परिवेश में प्रवेश की अनुमति देने के लिए राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। बीजेपी का कहना है कि पीएफआई कई राज्यों में प्रतिबंधित है। उस पर बैन लगा हुआ है इसलिए पीएफआई को रैली की इजाजत देना तृष्टीकरण नहीं है तो और क्या है? भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट करते कहा कि कांग्रेस का हाथ पीएफआई, टुकड़े गैंग के साथ है। एक बार फिर कांग्रेस ने एनआईए द्वारा नामित कट्टरपंथी समूह पीएफआई को राजस्थान में हजारों लोगों के साथ अपना वार्षिक मार्च निकालने की अनुमति देकर संगठन के प्रति अपने सॉफ्ट कॉर्नर को जाहिर कर दिया।