By Ankit Jaiswal | Jul 13, 2026
भारत के लिए विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र से एक बेहद गर्व की खबर सामने आई है। कोलंबिया के बुकारामांगा शहर में आयोजित 56वें अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड 2026 में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी पांच प्रतिभागियों के लिए स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। इस उपलब्धि के साथ भारत ने रूस, चीन, कजाकिस्तान, दक्षिण कोरिया और ताइवान के साथ संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया।
बता दें कि इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 87 देशों के 381 छात्रों ने हिस्सा लिया था। दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली स्कूली छात्रों के बीच भारतीय टीम का यह प्रदर्शन देश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार भारतीय छात्रों ने सैद्धांतिक और प्रायोगिक दोनों परीक्षाओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
भारत की ओर से पुणे के कंसिस्क जैन, इंदौर के ऋद्धेश अनंत बेंदले, दिल्ली के ऋषित गर्ग, मुंबई के श्रेष्ठ सुरैया और अहमदाबाद के स्वैत जोशी ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। पांचों छात्रों ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत को शीर्ष देशों की सूची में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई हैं।
गौरतलब है कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड में अब तक 27 बार भाग लिया है। इस दौरान भारतीय प्रतिभागियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक लगभग 44 प्रतिशत भारतीय प्रतिभागियों ने स्वर्ण पदक, 41 प्रतिशत ने रजत पदक और 10 प्रतिशत ने कांस्य पदक जीते हैं।
पिछले दस वर्षों में भारत का कोई भी प्रतिभागी बिना पदक के नहीं लौटा है। इस अवधि में 62 प्रतिशत छात्रों ने स्वर्ण और 38 प्रतिशत ने रजत पदक हासिल किए हैं। विशेष बात यह भी है कि एक ही संस्करण में भारत के सभी पांच छात्रों ने स्वर्ण पदक दूसरी बार जीते हैं। इससे पहले यह उपलब्धि वर्ष 2018 में हासिल हुई थी।
भारतीय टीम का नेतृत्व होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र और टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान के प्रोफेसर अन्वेष मजूमदार तथा मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज की डॉ. लीना जोशी ने किया। वहीं भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान कोलकाता के प्रोफेसर आनंद दासगुप्ता और रत्नागिरी के निशा केलकर वैज्ञानिक पर्यवेक्षक के रूप में टीम के साथ जुड़े रहे हैं।
भारतीय ओलंपियाड कार्यक्रम का संचालन होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र द्वारा किया जाता है, जो टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान के अंतर्गत कार्य करता है। यही संस्था राष्ट्रीय स्तर पर चयन परीक्षा, प्रशिक्षण शिविर और अंतिम पांच सदस्यीय टीम के चयन की पूरी प्रक्रिया का संचालन करती हैं।