आंतरिक व्यवस्था को अस्त-व्यस्त करने के आरोप में शिंदे के खिलाफ जनहित याचिका

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 27, 2022

मुंबई। शिवेसना के विद्रोही विधायकों के गुट का नेतृत्व कर रहे एकनाथ शिंदे के खिलाफ सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें उनपर महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल मचाने और राज्य सरकार की आंतरिक व्यवस्था को अस्त-व्यस्त करने का आरोप लगाया गया है। जनहित याचिका में विद्रोही नेताओं के खिलाफ कर्तव्यों का पालन नहीं करने और ऐसी अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए उचित कार्रवाई की मांग की गई है, जिससे जन अधिकारों और सुशासन का अनादर हुआ है।

इसे भी पढ़ें: रोहित शर्मा के कवर के तौर पर इंग्लैंड में भारतीय टेस्ट टीम से जुड़ेंगे मयंक अग्रवाल

महाराष्ट्र के सात निवासियों की तरफ से दायर याचिका में शिवसेना के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार को विस्तृत आश्वासन योजना प्रस्तुत करने का निर्देश देने की भी अपील की गई है, जिसमें कई मंत्रियों की अनुपस्थिति में शासन प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई हो। अधिवक्ताओं असीम सरोदे और अजिंक्य उडाने के माध्यम से दायर याचिका में अदालत से बागी नेताओं को राज्य में लौटने और अपने कामकाज को फिर से शुरू करने का निर्देश देने की अपील की गई है।

इसे भी पढ़ें: वरुण धवन-कियारा आडवाणी ने मचाया धमाल, तीन दिनों में हुई इतने करोड़ की कमाई

साथ ही दावा किया गया है कि बागी विधायक संविधान के तहत ली गई शपथ की अवहेलना कर रहे हैं। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एम. एस. कार्णिक की खंडपीठ के समक्ष तत्काल सुनवाई के लिए याचिका का उल्लेख किया गया। पीठ ने कहा कि वह (सुनवाई के लिए) एक तारीख तय करेगी।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Tariq Rahman के शपथग्रहण का निमंत्रण ठुकराया? क्या बांग्लादेश नहीं जाएंगे PM मोदी

Maharashtra में सियासी भूचाल! Shivaji-Tipu तुलना पर Congress अध्यक्ष की जुबान के लिए 10 लाख का इनाम

Ranbir-Alia की Love & War पर लगा ब्रेक! Dhurandhar-Toxic से बचने के लिए बदला Release Plan?

CM का फुल फॉर्म करप्ट माउथ, शंकराचार्य मुद्दे पर अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा