By अनन्या मिश्रा | Oct 09, 2026
भारत में सबसे ज्यादा पूजी जाने वाली देवियों में मां वैष्णो देवी का नाम सबसे पहले आता है। महालक्ष्मी, महाकाली और महासरस्वती की संयुक्त और तेज शक्तियों से मां वैष्णों देवी का प्राकट्य हुआ है। इस बात का प्रतीक मां वैष्णों देवी की पवित्र गुफा मंदिर के अंदर त्रिदेवी यानी की तीन पिंडियों के दर्शन से पता चलता है। अक्सर मां वैष्णो देवी के दर्शन को लेकर आपने लोगों से अक्सर यह सुना होगा कि जब तक मां के दरबार से बुलावा नहीं आता है, कोई उनके दर्शन के लिए नहीं जा सकता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर मां वैष्णो देवी का बुलावा कैसे आता है। क्या भक्तों को मां वैष्णो देवी कोई संकेत देती हैं।
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कई बार कभी-कभी मां वैष्णो देवी के दर्शन से जुड़े वीडियो, फोटो या रील बार-बार आपके सामने आने लगते हैं। वहीं कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है कि सालों-साल से टल रही यात्रा अचानक से बन जाती है। समय, पैसा और छुट्टी सभी काम अपने आप बनने लगते हैं।
मां वैष्णो देवी के दर्शन को लेकर कई भक्तों का कहना है कि जब तक माता रानी का बुलावा नहीं आता है, तब तक मां के दर्शन की हर कोशिश नाकाम रहती है। लेकिन जिस दिन मां का बुलावा आता है, उस दिन हर रुकावट दूर होती चली जाती है। मां वैष्णो देवी के बुलावे की कोई आवाज नहीं है, बल्कि वह एक आशीर्वाद है, जोकि भक्तों को मां के भवन आने के लिए उत्साह और भक्ति से भर देता है।
जम्मू में स्थित मां वैष्णो देवी उत्तर भारत की पूजनीय देवियों में से एक है। मां वैष्णो देवी का भवन त्रिकुट पर्वत है, जहां वैष्णो देवी निवास करती हैं। करीब 14 किमी की चढ़ाई है, जिसमें भैरव बाबा के दर्शन भी शामिल हैं। हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु कटरा स्थित मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।