कैसे बनेगा Viksit Bharat? Piyush Goyal ने बताया Plan, 38 देशों से FTA खोलेगा तरक्की का रास्ता

By अंकित सिंह | Mar 25, 2026

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को भारत के व्यापार और अर्थव्यवस्था पर चल रहे वैश्विक संघर्ष के अप्रत्यक्ष प्रभावों पर जोर दिया। नई दिल्ली में मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की राष्ट्रीय सीएसआर योजना 2026-27 के शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए गोयल ने कहा कि यद्यपि भारत युद्ध में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, फिर भी इसका अप्रत्यक्ष नुकसान होना अपरिहार्य है। उन्होंने डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि युद्ध चल रहा है। हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है। भारत किसी भी तरह से युद्ध में शामिल नहीं है। लेकिन जब इतना बड़ा युद्ध चल रहा होता है, तो अप्रत्यक्ष नुकसान तो होता ही है। कठिनाइयाँ तो होती ही हैं।

उन्होंने आगे विस्तार से बताया कि वैश्विक व्यापार का दो-तिहाई हिस्सा भारतीय किसानों, कारीगरों और कंपनियों के लिए बहुत कम या बिना किसी शुल्क के सुलभ है, जिससे विस्तार के महत्वपूर्ण अवसर मिलते हैं। गोयल ने कहा कि भारत के किसानों, मछुआरों, हमारे लघु एवं मध्यम उद्यमों, हस्तशिल्प और हथकरघा बनाने वाले कारीगरों, इन सभी की विश्व के दो-तिहाई बाजार तक पहुंच है। उनके पास अवसर है, लेकिन जब हम भारत में गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करेंगे, तभी हम अच्छी गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान कर पाएंगे।

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उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत के युवाओं की क्षमताओं को पोषित करने के महत्व पर जोर देते हुए अपना संबोधन समाप्त किया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यदि आप हमारे बच्चों की क्षमताओं को प्रोत्साहित करेंगे, जितना अधिक आप उनकी क्षमताओं का समर्थन करेंगे, भारत उतनी ही तेजी से विकास करेगा और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा।

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