By अनन्या मिश्रा | Aug 25, 2026
वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को बेहद अहम माना जाता है। क्योंकि यह ऊर्जा के प्रवेश का सबसे अहम स्थान होता है। यहीं से पॉजिटिव और निगेटिव दोनों तरह की ऊर्जा घर में प्रवेश करती है। इसलिए इस स्थान को शुभ, साफ और संतुलित रखना जरूरी होता है। मान्यताओं के मुताबिक अगर घर के मुख्य द्वार पर भोलेनाथ के प्रिय वाहन नंदी का चित्र या प्रतिमा सही दिशा में रखी जाए, तो घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।
नंदी महादेव के परम भक्त हैं। जहां पर उनकी कृपा होती है, वहां सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। मुख्य द्वार पर नंदी की प्रतिमा रखने से घर में बरकत और खुशहाली आती है।
नंदी की प्रतिमा को रखने से अगर घर के मुख्य द्वार से जुड़ा कोई छोटा-मोटा वास्तु दोष भी दूर हो जाता है। लेकिन अन्य बड़े वास्तु दोषों के लिए वास्तु एक्सपर्ट की सलाह पर उपाए किए जा सकते हैं।
नंदी को शक्ति, धैर्य और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि घर में नंदी की उपस्थिति से परिवार के लोगों में आत्मविश्वास बढ़ता है। वहीं मुश्किल परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने और सही निर्णय लेने की प्रेरणा मिलती है।
शिवालयों में नंदी को हमेशा प्रवेश द्वार पर स्थापित किया जाता है। नंदी भोलेनाथ के रक्षक और द्वारपाल हैं। धार्मिक मान्यता है कि मुख्य द्वार पर नंदी की प्रतिमा लगाने से घर पर महादेव की कृपा बनी रहती है और परिवार की भी रक्षा होती है।
वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक नंदी की प्रतिमा को घर के मुख्य द्वार पर रखना शुभ होता है। इससे निगेटिव एनर्जी दूर होती है और मानसिक शांति मिलती है।