By रितिका कमठान | Mar 06, 2024
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को ओडिशा में थे, जहां उन्होंने जाजपुर में 19,600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ओडिशा दौरे के दौरान विपक्ष पर जमकर हमला बोला। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा की नवीन पटनायक की सरकार पर किसी तरह की बात कहने से बचते दिखे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस व्यवहार के साथ ही भाजपा और बीजेडी के बीच गठबंधन की अटकलें भी तेज हो गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दौरे के बीच में संभावना जताई जा रही थी कि नवीन पटनायक बीजेपी में विधायकों के शामिल होने पर नाराजगी जता सकते हैं मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ। वहीं नवीन पटनायक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ही नेता एक दूसरे की तारीफ भी करते दिखे। लोकसभा चुनावों से पहले दोनों नेताओं के ऐसे तेवर बता रहे हैं कि बीजेपी और बीजेडी के बीच गठबंधन की अटकलें मजबूत हो रही है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा सरकार के काम की तारीफ की। ये पहला मौका नहीं है जब पीएम मोदी ने ओडिशा सरकार की तारीफ की हो, इससे पहले भी वो ये कदम उठा चुके है। उन्होंने पहले भी मंच से नवीन पटनायक को मित्र के तौर पर दुनिया के सामने बताया था। दोनों नेता मंच पर गर्मजोशी के साथ मिले भी थे।
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक की जयंती पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी। ओडिशा में 20 हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास करने के मौके पर मोदी ने बीजू पटनायक की विरासत की प्रशंसा करते हुए कहा कि ओडिशा और राष्ट्र के विकास में बीजू बाबू का योगदान अतुलनीय है। मैं ओडिशा से देश की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भाग्यशाली महसूस करता हूं।
तेज हुई गठबंधन की अटकलें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के नवीन पटनायक को लोकप्रिय मुख्यमंत्री बताया है। साथ ही उन्होंने नवीन पटनायक द्वारा भारत को आर्थिक महाशक्ति में बदलने की लिए की गई उनकी सराहना की तारीफ भी की है। पीएम मोदी द्वारा पटनायक की तारीफ होने के बाद से ही दोनों पार्टियों के बीच लोकसभा चुनाव को देखते हुए गठबंधन की अटकलें तेज हो रही थी।
गौरतलब है कि ओडिशा समेत कई राज्यों में लोकसभा और विधानसभा चुनाव होने है। चुनावों की तारीख की अपेक्षित घोषणा से कुछ दिन पहले ही दोनों नेताओं ने सकारात्मक रुख अख्तियार करते हुए एक दूसरे से बात की है। ऐसे में माना जा रहा है कि चुनावी व्यवस्था को देखते हुए दोनों पार्टियां चर्चा कर इसे अंतिम रुप दे सकती है।