By अभिनय आकाश | May 27, 2026
अपनी बदहाली और अरबों के कर्ज में दबे पाकिस्तान के लोग जब भुखमरी से तंग आ जाते हैं तो अपनी किस्मत बदलने खाड़ी देशों का रुख करते हैं। दुबई और सऊदी अरब जैसे देशों में दिन रात पसीना बहाकर वो अपने परिवार का पेट पालते हैं। लेकिन जब अपनी ही हुकूमत की गलत नीति का शिकार इन मासूमों को होना पड़े तो दर्द और बढ़ जाता है। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच पाकिस्तानियों पर एक नया और भयानक संकट टूट पड़ा है। यूएई से हजारों पाकिस्तानी शिया मुसलमानों को रातोंरात धक्के मारकर बाहर निकाल दिया गया। ना सामान बांधने का वक्त मिला ना बरसों की कमाई समेटने की मोहलत। सिर्फ एक जोड़ी कपड़ों में इन्हें फ्लाइट में बैठकर वापस कंगाली के दलदल में धकेल दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक यूएई ने हजारों पाकिस्तानी शियाओं को धक्का देकर भगा दिया। 28 फरवरी से अब तक 7500 से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला।
पूरे मामले में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने भी नजरें टेढ़ी कर ली है। ह्यूमन राइट्स वॉच के उपनिदेशक माइकल पेज ने इन रिपोर्ट्स को बेहद चिंताजनक बताया और जांच शुरू कर दी। वहीं जेनेवा स्थित मैन राइट्स ग्रुप के अधिकारी फला सैयद का कहना है कि यूएई में ऐसी कारवाइयां पहले भी हुई है। लेकिन हाल ही के दिनों में इसमें भारी तेजी आई है। लाचारी, कंगाली और ऊपर से हुकूमत की गंदी कूटनीति। पाकिस्तान की जनता आज अपने ही नेताओं के बोए कांटों को चुग रही है। भीख मांग कर देश चलाने वाले हुक्मरान जब कूटनीति के मैदान में डबल गेम खेलते हैं तो खामियाजा उन निर्दोष नागरिकों को भुगतना पड़ता है जो दो वक्त की रोटी के लिए अपना मुल्क छोड़ चुके थे।