Prajatantra: PM Modi ने BJP के लिए फिक्स किया 370 वाला टारगेट, आखिर कैसे होगा पूरा?

By अंकित सिंह | Feb 06, 2024

लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर जबरदस्त तरीके से हमला किया। इसके साथ ही उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि हमारी सरकार एक बार फिर से तीसरे टर्म के लिए आने वाली है। मोदी ने आगामी चुनावी नतीजे को लेकर एक टारगेट भी फिक्स कर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस चुनाव में हम 370 सीटें जीतने जा रहे हैं जबकि हमारा एनडीए खेमा 400 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करेगा। प्रधानमंत्री के इस टारकेट को कश्मीर से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। दरअसल 5 साल पहले जब मोदी सरकार 2019 में बंपर चुनाव जीत कराई थी, तब जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करके अपना सबसे पुराना वादा पूरा किया था। हालांकि 370 वाला टारगेट का जिक्र करके प्रधानमंत्री ने यह भी संदेश देने की कोशिश की है कि हमने जो कहा था, वह करके दिखाया है। हमने कश्मीर से 370 हटाया है। 

विपक्ष का वार

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता बिनॉय विश्वम ने कहा, प्रधानमंत्री की यह अतिशयोक्तिपूर्ण बयानबाजी ही दिखाती है कि वह जीत को लेकर आश्वस्त नहीं हैं, वह चुनाव से डरते हैं।” कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने मोदी पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि अगर उनकी पार्टी चुनाव में 370 का आंकड़ा हासिल करने से चूक गई, तो क्या वह शपथ नहीं लेंगे। उन्होंने कहा, “अगर वे 370 का आंकड़ा नहीं छूते, तो क्या मोदी शपथ नहीं लेंगे? उन्हें पहले जवाब देना चाहिए। भाजपा का इस तरह का सपना हमेशा विफल रहा है।” कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि चुनाव होने से पहले मोदी जी को कैसे पता चल रहा है कि 370 आ जाएगा। वह यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने 370 धारा को हटाया इसलिए 370 सीटें मिलेगी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इस तरह के दावे के साथ कोई बात कही जा रही तो जाहिर सी बात है कि अंदर में कोई राज छुपा है। वही राज ईवीएम में भी छुपाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले तो हमारे समक्ष असमंजस की स्थिति थी लेकिन अब ऐसा लगता है कि ईवीएम में भी मोदी जी का कोई हाथ चलेगा। 

कैसे पूरा होगा टारगेट

भाजपा ने 2019 में 303 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं, उसके सहयोगी दलों ने 50 सीटों पर अपना कब्जा जमाया था। इसलिए अगर भाजपा को 370 सीटों पर जीत हासिल करनी है तो उसे 67 और सीटों की आवश्यकता है। भाजपा ने 2019 में 436 सीटों पर चुनाव लड़कर 303 पर जीत हासिल की थी। 133 पर उसे हार का सामना करना पड़ा था। यही कारण है कि भाजपा उन सीटों पर पूरी तरीके से फोकस कर रही है जहां उसे 2019 में हार का सामना करना पड़ा था। इसमें भाजपा दक्षिण भारत की सीटों पर अपनी तैयारी कर रही है। भाजपा को आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, कर्नाटक और केरल तथा तमिलनाडु से कुछ ज्यादा ही उम्मीद है। इसके लिए भाजपा ने दिग्गजों को चुनावी प्रचार में उतार दिया है। फिलहाल में देखें तो भाजपा के पास 173 सेट ऐसी है जहां वह कम से कम दो बार से जीत हासिल करती हुई आ रही है। 76 सीटे ऐसी है जहां भाजपा ने पिछले तीन में से सिर्फ एक में जीत हासिल की है। 

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भाजपा के हौसले की वजह

राम मंदिर के उद्घाटन के साथ ही भाजपा इस बात को लेकर उत्साहित होती दिखाई दे रही है कि कहीं ना कहीं इससे पार्टी को फायदा होगा। राम मंदिर का बार-बार जिक्र कर भाजपा अपने पक्ष में माहौल बनाने की प्रयास भी कर रही है। वहीं, हाल में ही राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा को बंपर जीत मिली जिससे उसका हौसला बढ़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार दक्षिण भारत जा रहे हैं। वह मंदिरों का भी दौरा कर रहे हैं। ऐसे में दक्षिण भारत को लेकर भी भाजपा को कुछ उम्मीदें हैं। भाजपा पहले की तुलना में इस बार ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इसके अलावा पार्टी लाभार्थियों को भी टारगेट करने की कोशिश में है। लाभार्थी वे लोग हैं जिन्हें केंद्र की योजनाओं का लगातार लाभ मिल रहा है। 

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