स्वतंत्रता दिवस पर मोदी का दुनिया को संदेश- 'भारत जो ठान लेता है उसको कर दिखाता है'

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 15, 2020

74वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने का खाका पेश किया और मार्ग प्रशस्त किया। प्रधानमंत्री ने सवाल किया कि ‘‘आखिर कब तक हमारे ही देश से गया कच्चा माल, तैयार उत्पाद बनकर वापस आता रहेगा? देश को आत्मनिर्भर बनाना है और इसका मतलब सिर्फ आयात कम करना ही नहीं, हमारी क्षमता, हमारी रचनात्मकता और कौशल को बढ़ाना भी है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां आज भारत की ओर देख रही हैं इसलिए हमें विश्व के लिए भी उत्पाद बनाने होंगे। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत की संप्रभुता की ओर आंख दिखाने वालों को भी चेताया और कोरोना महामारी के दौरान पेश आई चुनौतियों और उनके हल पर भी बातचीत की। प्रभासाक्षी के खास कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में आज प्रधानमंत्री के संबोधन की बड़ी बातें सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं।

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2. प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक नीतियों में सुधार, कारोबार की सुगमता और अर्थव्यवस्था आधुनिकता की तरफ तेज गति से ले जाने के लिये 110 लाख करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजना पाइपलाइन (एनआईपी) विकसित करने जैसे सरकार की पहल का जिक्र करते हुए कहा कि भारत आत्मनिर्भर बनने के लिए आज जरूरी आत्म विश्वास से भरा हुआ है।

3. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार के सुधारों के परिणाम दिख रहे हैं और पिछले साल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कंपनियों ने कोराना संकट के दौरान भी भारत में भारी पूंजी निवेश किया है। मोदी ने यह बात ऐसे समय कही है जब दुनिया चीन के बदलते तेवरों को देखते हुए आपूर्ति के नए भरोसेमंद केंद्रों की तलाश कर रही है।

4. प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में बड़ी बात कहते हुए बताया कि आत्मनिर्भर भारत का विचार ‘कोई आयात प्रतिस्थापन का विचार नहीं है बल्कि यह विश्व-कल्याण की आवश्यकता भी है।’ 

5. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने करीब डेढ़ घंटे (86 मिनट) के संबोधन में कहा, ‘‘हमारा संकल्प केवल ‘मेक इन इंडिया नहीं है बल्कि मेक फॉर वर्ल्ड (दुनिया के लिये विनिर्माण) है।’’ 

6. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के युवा और उद्यमी विनिर्माण क्षेत्र में भी अपना झंडा गाड़ सकते हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि कोरोना संकट के दौरान देश एन-95 फेस मास्क, पीपीई किट और वेंटिलेटर के विनिर्माण के मामले में निर्यात अधिशेष वाला देश बना है। मोदी ने कहा, ‘‘भारत जो ठान लेता है, उसको कर दिखाता है।’’

7. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का मुख्य जोर 110 लाख करोड़ रुपये के राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का पाइपलाइन तैयार करना है। ‘‘इसके तहत अलग-अलग क्षेत्रों की लगभग सात हजार परियोजनाओं को चिन्हित भी किया जा चुका है। यह बुनियादी ढांचा क्रांति की तरह होगा।’’

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8. प्रधानमंत्री मोदी ने दिवाला कानून, कृषि उपजों की विपणन व्यवस्था और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों को निजी उद्यमियों के लिए खोले जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘ईज आफ डूइंग बिजनेस’ (कारोबार में सुगमता) के लिए उठाए गए कदमों से मध्यवर्ग के युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। मोदी ने इंटरनेट प्रौगिकी के दौर में साइबर सुरक्षा को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार जल्द ही एक समन्वित राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति का खाका प्रस्तुत करेगी।

9. प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से स्थानीय वस्तुओं का मान देने और उसका प्रचार-प्रसार करने को भी कहा। उन्होंने कहा, ‘‘वोकल फॉर लोकल, लोगों को हुनरमंद बनाने का अभियान, गरीबी की रेखा के नीचे रहने वालों के जीवनस्तर में सुधार लएगा और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था को गति देगा।’’

10. प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना वायरस महामारी और उसकी रोकथाम के लिये ‘लॉकडाउन’ से लोगों को होने वाली परेशानी को कम करने के लिये किये गये उपायों का जिक्र करते उन्होंने कहा कि सात करोड़ परिवार को मुफ्त रसोई गैस (एलपीजी) उपलब्ध कराये गये, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त राशन और बैंक खातों में करीब 90,000 करोड़ अंतरित किये गये हैं।

11. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महामारी के दौरान लोगों को अपने घर के लिए होम लोन की ईएमआई (मासिक किस्त) देने पर मोहलत देकर भुगतान अवधि के दौरान 6 लाख रुपए तक की छूट मिल रही है। हजारों अधूरे घरों को पूरा करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपए के कोष की स्थापना हुई है।

12. प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार के सुधार उपायों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले छह साल एक देश एक कर (जीएसटी), दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) और बैंकों का विलय जैसे बड़े सुधारों को आगे बढ़ाया गया।

13. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘आने वाले एक हजार दिन में (तीन साल से कम समय में) ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी के लिये देश के हर गांव को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जाएगा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘साथ ही लक्षद्वीप को भी अंडमान निकोबार द्वीपसमूह की तरह सबमैरीन आप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ा जाएगा ताकि वहां भी उच्च गति के इंटरनेट और मोबाइल संपर्क की सुविधा उपलब्ध हो।’’

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14. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इंटरनेट और सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग बढने के साथ देश के लिए मजबूत समन्वित साइबर सुरक्षा व्यवस्था का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा ‘‘साइबर सुरक्षा नीति का खाका जल्द आएगा।''

15. प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘आत्मनिर्भर भारत की एक अहम प्राथमिकता है- आत्मनिर्भर कृषि और आत्मनिर्भर किसान। इस दिशा में कदम उठाया गया है और कुछ दिन पहले ही किसानों को आधुनिक ढांचागत सुविधा देने के लिए एक लाख करोड़ रुपए का कृषि बुनियादी ढांचा कोष बनाया गया है।’’

16. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज से देश में एक और बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। ये है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लेकर आएगा।

17. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में तीन-तीन वैक्सींस टेस्टिंग के अलग-अलग चरण में हैं। जब वैज्ञानिकों से हरी झंडी मिलेगी तो बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा। इसकी पूरी तैयारियां हैं। हर भारतीय तक वैक्सीन कम से कम समय में कैसे पहुंचे, इसका खाका भी तैयार है।

18. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अयोध्या का सदियों पुराने मुद्दे का हल हुआ और दस दिन पहले राम मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास हुआ। उन्होंने कहा कि देश ने उच्चतम न्यायालय के फैसले पर जो रुख दिखाया वह काबिलेतारीफ है। 

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