By रेनू तिवारी | Jan 18, 2022
गणतंत्र दिवस दिवस आने आने वाला है ऐसे में चारों तरफ सुरक्षा व्यवस्था काफी अलर्ट है। हाल की में दिल्ली की गाजीपुर फूलमंड़ी में मिले आइईडी ने पुलिस की नींद उड़ा रखी है कि आखिर विस्फोटक कैसे और कहा से आया। पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा ने इसकी जिम्मेदारी ली है। इसके बाद पीएम की सूरक्षा मामले में चूक की जांच कर रही पूर्व जस्टिस इंदु मलहोत्रा को भी पीएम को दोबारा से रोकने की धमकी देने वाला कॉल आया है। अब ताजा जानकारी के अनुसार खुफिया एजेंसियों को गणतंत्र दिवस पर एक संभावित आतंकी साजिश के बारे में अलर्ट मिला है जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की जान को खतरा हो सकता है।
नोट में उल्लेख किया गया है कि खतरा पाकिस्तान/अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र से बाहर के समूहों से आया था। इन समूहों का उद्देश्य उच्च पदस्थ गणमान्य व्यक्तियों को लक्षित करना और सार्वजनिक सभाओं, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और भीड़-भाड़ वाले स्थानों में तोड़फोड़ करना/बाधित करना था।
ड्रोन से भी हमले की कोशिश की जा सकती है। इनपुट में कहा गया है कि आतंकी खतरे के पीछे लश्कर-ए-तैयबा, द रेजिस्टेंस फोर्स, जैश-ए-मोहम्मद, हरकत-उल-मुजाहिदीन और हिज्ब-उल-मुजाहिदीन जैसे आतंकी समूह थे।
इनपुट में कहा गया है कि पाकिस्तान में स्थित खालिस्तानी समूह भी पंजाब में आतंकवाद को फिर से संगठित करने और पुनर्जीवित करने के लिए कैडरों को लामबंद कर रहे हैं। वे पंजाब और अन्य राज्यों में लक्षित हमलों की भी योजना बनाते हैं। फरवरी 2021 में प्राप्त एक इनपुट के अनुसार, खालिस्तानी आतंकी समूह प्रधान मंत्री की बैठक और पर्यटन स्थलों पर हमला करने की योजना बना रहे हैं।