By अभिनय आकाश | Nov 12, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूटान की राजकीय यात्रा भारत-भूटान संबंधों में एक मील का पत्थर साबित हुई, जिसकी एक झलक भूटान के श्रद्धेय चतुर्थ नरेश, ड्रुक ग्यालपो जिग्मे सिंग्ये वांगचुक से उनकी मुलाकात से मिली। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा चतुर्थ नरेश, जिन्हें प्यार से K4 के नाम से जाना जाता है, की 70वीं जयंती समारोह के अवसर पर हुई और इसमें भूटान के वर्तमान नरेश, राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के साथ व्यापक चर्चाएँ शामिल थीं। इस अवसर पर गर्मजोशी से स्वागत और सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन किया गया, जिसमें भारत और भूटान के बीच स्थायी मित्रता और आपसी सम्मान का जश्न मनाया गया।
इस यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण भारत से लाए गए भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का श्रद्धापूर्वक स्वागत था, जो वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव और चतुर्थ राजा के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस तरह से इन अवशेषों का स्वागत किया गया, वह भारत और भूटान के लोगों के बीच गहन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक बंधनों को दर्शाता है, जो साझा बौद्ध विरासत और शांति एवं सद्भाव के मूल्यों में निहित हैं।