By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 15, 2026
(फोटो के साथ) नयी दिल्ली, 15 अगस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशिक्षण, शिक्षा, खेल, नागरिक सुरक्षा, सेमीकंडक्टर निर्माण, परमाणु ऊर्जा और महिला नेतृत्व वाले विकास को शामिल करने वाली कई योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए अपना रोडमैप भी प्रस्तुत किया। मोदी ने 2047 तक भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाकर 100 गीगावाट करने का लक्ष्य भी रखा।
मोदी ने घोषणा की कि अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “आज का दौर एआई, क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर का है।” उन्होंने कहा कि भारत को केवल वैश्विक तकनीक का बाजार नहीं बनना चाहिए, बल्कि नवाचार का केंद्र बनकर उभरना चाहिए। मोदी ने कहा कि भारत ने यूपीआई और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के जरिए अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया है और अब उसे 6जी समेत अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों में नेतृत्व करने का लक्ष्य रखना चाहिए।
मोदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की ताकि उनके परिवारों पर वित्तीय बोझ कम हो सके। उन्होंने कहा मध्यम वर्गीय परिवारों के साथ कोचिंग कक्षाएं बहुत बड़ा बोझ बन चुकी हैं। मोदी ने कहा, ‘‘हर मां-बाप को लग रहा है कि कोचिंग क्लास में नहीं भेजा तो हम प्रतिष्ठित परिवार नहीं हैं।
इन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की हम चिंता करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्रणाली भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, शिक्षकों और उपलब्ध प्रतिभाओं को एक साथ लाकर ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों को अपने घरों के करीब रहते हुए पढ़ाई करने में मदद मिलेगी और परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम होगा। मोदी ने कहा कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदार है और और इसमें देश की अच्छी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पांच से 15 वर्ष की आयु वर्ग के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चयनित बच्चों का आकलन किया जाएगा और उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उन्हें भारत का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम खिलाड़ी बनाया जा सके। मोदी ने कहा कि ओलंपिक में लगभग 325-350 स्पर्धाएं होती हैं, लेकिन भारत इनमें से करीब दो-तिहाई स्पर्धाओं में भाग नहीं लेता या क्वालीफाई नहीं कर पाता। उन्होंने कहा, ‘‘हमने तय किया है कि 2036 तक हम कम से कम तीन चौथाई प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।
हम देश के हर कोने में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू कर रहे हैं। उन्हें विश्वस्तरीय खिलाड़ी बनने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।’’ प्रधानमंत्री ने युद्ध के बदलते स्वरूप का उल्लेख करते हुए देश में एक सशक्त नागरिक सुरक्षा नेटवर्क बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि युद्ध अब केवल सीमाओं तक ही सीमित नहीं है और रिफाइनरियों, बैंकिंग क्षेत्र, डेटा केंद्रों, कारखानों और अन्य बुनियादी ढांचों को भी प्रभावित कर सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली शताब्दी के युद्धों के अनुरूप विकसित नागरिक सुरक्षा व्यवस्थाएं अब पुरानी हो चुकी हैं। इसलिए नागरिकों को आधुनिक प्रणालियों से परिचित कराया जाएगा और आधुनिक चुनौतियों से निपटने में सक्षम एक विशाल स्वयंसेवी नागरिक सुरक्षा बल विकसित किया जाएगा। मोदी ने डिजिटल और तकनीकी जगत में सेमीकंडक्टर चिप्स की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया और कहा कि भारत इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि तीन सेमीकंडक्टर संयंत्र पहले ही शुरू हो चुके हैं और इन संयंत्रों से उत्पादित वस्तुओं का निर्यात शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले सात-आठ वर्षों में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित किए जाएंगे और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को विकसित भारत की ओर एक मार्ग बताया। मोदी ने चिप्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा केंद्रों की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं के बारे में बताते हुए ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा के महत्व का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की ओर अग्रसर है और इस दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य है। मोदी ने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि तीन करोड़ लखपति दीदियों का पहले का लक्ष्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि भारत अब छह करोड़ लखपति दीदियों के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि तीन करोड़ और लखपति दीदियों से महिला शक्ति के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक ‘‘बड़ा परिवर्तन’’ आएगा।