By एकता | Mar 22, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत की स्थिति की समीक्षा की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में पेट्रोल, कच्चा तेल, गैस, बिजली और खाद जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई को बिना किसी रुकावट के जारी रखना है।
प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत कैबिनेट के कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह वैश्विक हालातों पर नजर रखते हुए देश की ऊर्जा सुरक्षा और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है।
देश में घरेलू LPG सिलेंडरों की सप्लाई को सामान्य बनाए रखने के लिए सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। घबराहट में की जाने वाली बुकिंग में अब कमी आई है। सरकार ने राज्यों के लिए कमर्शियल गैस का कोटा बढ़ा दिया है, जिसमें अस्पताल और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है।
साथ ही, घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं को नए पाइप वाली गैस कनेक्शन देने में तेजी लाने की सलाह दी गई है। गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए देशभर में लगातार छापेमारी की जा रही है। राहत की बात यह है कि अमेरिका के टेक्सास से रसोई गैस लेकर एक बड़ा जहाज मंगलुरु बंदरगाह पहुंच चुका है, जिससे सप्लाई में सुधार होगा।
यह समीक्षा बैठक ऐसे समय में हुई है जब होर्मु जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों पर युद्ध के कारण तनाव चरम पर है। 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से इलाके में संघर्ष काफी बढ़ गया है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ा है।
औद्योगिक डीजल की कीमतों में 25 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है और यह 109.59 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। हालांकि, जहाजरानी मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी 22 भारतीय जहाज और 611 नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। सरकार ने दोहराया है कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा और देश की आर्थिक स्थिरता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।