By अभिनय आकाश | Feb 13, 2026
सत्ता परिवर्तन की लहर के बाद नतीजे सामने आ रहे हैं और यहां पर बीएनपी पार्टी दो दशक के बाद सत्ता में वापस लौटती हुई दिख रही है। जहां पर सत्ता परिवर्तन की लहर इतिहास रच रही है। शेख हसीना के युग के अंत के बाद हुए पहले आम चुनाव के नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि बांग्लादेश की आवाम ने बदलाव के पक्ष में वोट दिया है। 17 साल के लंबे निर्वासन के बाद तारिक रहमान की सत्ता में वापसी की पटकथा लिख दी गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी तारिक रहमान को जीत की बधाई दे दी है। पीएम मोदी के बयान के बाद बीएनपी की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य नजरुल इस्लाम खान न कहा है कि पीएम मोदी ने जनता के फैसले को मान्यता दी है।
देश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग के चुनाव मैदान में नहीं होने के कारण इस चुनाव को बीएनपी और उसके पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के बीच सीधी टक्कर के रूप में देखा गया। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार 18 महीने से सत्ता में है। बांग्लादेश में जटिल 84 सूत्री सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह के साथ-साथ 13वां आम चुनाव कराया गया। सुधार पैकेज को ‘जुलाई राष्ट्रीय घोषणापत्र’ के नाम से भी जाना जाता है। बीएनपी ने पहले घोषणा की थी कि यदि वह चुनाव जीतती है तो उसके अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री होंगे। अगर पार्टी चुनाव जीतती है तो रहमान पिछले 36 वर्ष में बांग्लादेश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री होंगे।