COP26 सम्मेलन में बोले PM मोदी, मानवता के भविष्य को बचाने के लिए सूर्य के साथ चलना होगा

By अंकित सिंह | Nov 02, 2021

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी COP26 लीडर्स इवेंट 'एक्सेलरेटिंग क्लीन टेक्नोलॉजी इनोवेशन एंड डेवलपमेंट' में आज अपना संबोधन दिया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि फॉसिल फ्यूल के उपयोग ने कुछ देशों को समृद्ध तो बनाया लेकिन इसने पृथ्वी और पर्यावरण को खराब बना दिया। फॉसिल फ्यूल की दौड़ ने भू-राजनीतिक तनाव भी पैदा किया। लेकिन आज तकनीक ने हमें एक बेहतरीन विकल्प दिया है। मोदी ने कहा कि सौर ऊर्जा पूरी तरह से स्वच्छ और टिकाऊ है। चुनौती यह है कि यह ऊर्जा केवल दिन के समय उपलब्ध होती है और मौसम पर निर्भर करती है। मोदी ने कहा कि 'वन सन, वन वर्ल्ड एंड वन ग्रिड' इस समस्या का समाधान है। विश्वव्यापी ग्रिड के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा को कहीं भी और कभी भी प्रेषित किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मानवता के भविष्य को बचाने के लिए हमें फिर से सूरज के साथ चलना होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिकता से पर्यावरण का बड़ा नुकसान हुआ है। प्रकृति से तालमेल बिठाना होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ग्रीन ग्रिड की मेरी कई सालों पुरानी परिकल्पना को आज अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और यूके के ग्रीन ग्रिड इनिशिएटिव से एक ठोस रूप मिला है। 

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मोदी ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि 'वन सन, वन वर्ल्ड एंड वन ग्रिड' और 'ग्रीन ग्रिड' पहल के बीच सहयोग से एक साझा और मजबूत वैश्विक ग्रिड विकसित किया जा सकता है। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो दुनिया को सोलर कैलकुलेटर एप्लीकेशन उपलब्ध कराने जा रही है। इस कैलकुलेटर के माध्यम से उपग्रह डेटा के आधार पर दुनिया के किसी भी स्थान की सौर ऊर्जा क्षमता की गणना की जा सकती है। यह एप्लिकेशन सौर परियोजनाओं का स्थान तय करने में उपयोगी होगा और 'वन सन, वन वर्ल्ड एंड वन ग्रिड' पहल को मजबूत करेगा।  

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