By अंकित सिंह | May 19, 2022
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वडोदरा के करेलीबाग में आयोजित 'युवा शिविर' में हिस्सा लिया। इसी दौरान प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे संतों ने, हमारे शास्त्रों ने हमें सिखाया है कि किसी भी समाज का निर्माण, समाज की हर पीढ़ी में निरंतर चरित्र निर्माण से होता है। उसकी सभ्यता, परंपरा, उसके आचार-विचार-व्यवहार एक प्रकार से हमारी सांस्कृतिक विरासत की संवृद्धि से होता है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि मेरे युवा साथी जब इस शिविर से जाएंगे तो वो अपने भीतर एक नई ऊर्जा महसूस करेंगे, एक नई स्वष्टता और नव चेतना का संचार अनुभव करेंगे।
मोदी ने कहा कि आज देश में सरकार के कामकाज का तरीका बदला है, समाज की सोच बदली है और सबसे खुशी की बात है कि जन भागीदारी बढ़ी है। जो लक्ष्य भारत के लिए असंभव माने जाते थे, आज दुनिया भी देख रही है कि भारत ऐसे क्षेत्रों में कितना बेहतर कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे लिए संस्कार का अर्थ है- शिक्षा, सेवा, संवेदनशीलता, समर्पण, संकल्प और सामर्थ्य! हम अपना उत्थान करें, लेकिन हमारा उत्थान दूसरों के कल्याण का भी माध्यम बने! हम सफलता के शिखरों को छूएँ, लेकिन हमारी सफलता सबकी सेवा का भी जरिया बने।