By नीरज कुमार दुबे | Apr 05, 2022
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस महीने के अंत में होने वाले जम्मू-कश्मीर के दौरे से पहले घाटी के हालात बिगाड़ने की जो कोशिशें की जा रही हैं उसका सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी से जवाब दे रहे हैं लेकिन कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी के बन रहे माहौल के खिलाफ रची जा रही साजिशों को भी तेजी से नाकामयाब करना होगा। उल्लेखनीय है कि आतंकवादियों ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में तीन हमले किए जिसमें सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हो गया और बिहार के दो कामगारों एवं एक कश्मीरी पंडित बाल कृष्णन ऊर्फ सोनू सहित चार लोग घायल हो गए। कश्मीर में वापसी के लिए तैयार दिख रहे कश्मीरी पंडितों के मन में फिर से भय बैठाने और पर्यटकों से गुलजार जम्मू-कश्मीर की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को एक बार फिर पटरी से उतारने के प्रयास में अराजक तत्व लग गये हैं।
दूसरी ओर, फिल्म द कश्मीर फाइल्स ने पूरे देश में कश्मीरी हिंदुओं के लिए जो समर्थन पैदा किया है उसको देखते हुए माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दौरान कश्मीरी पंडितों से मुलाकात कर सकते हैं। हम आपको बता दें कि अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद केंद्रशासित प्रदेश की प्रधानमंत्री मोदी पहली यात्रा पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर सांबा में स्थानीय निकाय के प्रतिनिधियों के एक सम्मेलन को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री और कश्मीरी पंडित समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच बैठक होने की संभावना भी है ताकि वह लोग अपनी समस्याओं से प्रधानमंत्री को सीधे अवगत करा सकें।