By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 15, 2026
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि जंगलों में हथियारबंद नक्सलवाद को खत्म करने में सफलता मिली है, लेकिन अब ‘दिमागी नक्सल’ से सावधान रहना होगा तथा उनकी पहचान कर उन्हें अल-थलग करना होगा। मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा कि नक्सलवाद और माओवाद ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया, अनेक माताओं से उनके बेटे छीन लिए और परिवारों के सपनों को चूर-चूर कर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद ने चार दशक तक देश के बड़े हिस्से को दबोचकर रखा और संविधान की धज्जियां उड़ाईं।
उन्होंने आगाह किया कि इस चुनौती को अभी भी कमतर नहीं आंकना चाहिए और सतर्क रहना होगा। मोदी ने कहा कि माओवादी सोच वाले लोग कभी सत्ता के गलियारों में बैठे थे और सरकारी समितियों में सलाहकार के रूप में रहकर उन्होंने नीतियों को प्रभावित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलों में ‘हथियारी नक्सल’ के खिलाफ सफलता मिली है, लेकिन अब ‘दिमागी नक्सल’ मौके की तलाश में हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व हिंसा और अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं तथा समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए तरह-तरह के दांव चल रहे हैं। मोदी ने कहा कि ‘दिमागी नक्सल’ को पहचानना और उन्हें अलग-थलग करना होगा तथा युवाओं को विकसित भारत के निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना होगा।