By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 31, 2026
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक का दौरा करेंगे। इस दौरान वह एक नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे तथा 17,900 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री विशाखापत्तनम में एएसआईपी सेमीकंडक्टर परियोजना का शिलान्यास भी करेंगे, जिसे 460 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से विकसित किया जा रहा है।
दोपहर में मोदी कर्नाटक के मैसूरु स्थित रामकृष्ण आश्रम में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र- विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे और वहां उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे। बयान के अनुसार, 5,640 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित ग्रीनफील्ड अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को प्रतिवर्ष 60 लाख यात्रियों की क्षमता के अनुरूप तैयार किया गया है। बयान में कहा गया है कि यात्री टर्मिनल भवन को आधुनिक, सुगम और कुशल यात्रा अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।
हवाई अड्डे में परिचालन दक्षता बढ़ाने और भविष्य की विमानन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उन्नत बुनियादी ढांचे, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और टिकाऊ सुविधाओं को शामिल किया गया है। टर्मिनल भवन को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है और इसका पंजीकरण ‘यूएस ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल’ (यूएसजीबीसी) के साथ किया गया है। हवाई अड्डे की वास्तुकला आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है।
विशाखापत्तनम स्थित एएसआईपी सेमीकंडक्टर परियोजना को ‘एएसआईपी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड’ और दक्षिण कोरिया के एपीएसीटी के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। यह इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत आंध्र प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई होगी। यह संयंत्र प्रतिवर्ष लगभग 9.6 करोड़ सेमीकंडक्टर चिपों का उत्पादन करेगा और उच्च कौशल वाले रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
साथ ही, यह सेमीकंडक्टर विनिर्माण को समर्थन देने वाले मजबूत सहायक उद्योगके विकास में भी मदद करेगा। कर्नाटक में प्रधानमंत्री मैसूरु स्थित स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र- विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे। यह स्मारक नवंबर 1892 में स्वामी विवेकानंद की मैसूरु यात्रा की ऐतिहासिक स्मृति को समर्पित है, जब वह भारत भ्रमण पर थे।
अपने प्रवास के दौरान स्वामी विवेकानंद ने कई प्रवचन दिए, विद्वानों और श्रद्धालुओं से संवाद किया तथा महाराजा श्री चामराजेंद्र वाडियार दशम का संरक्षण प्राप्त किया। महाराजा के सहयोग से ही वह 1893 में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में भाग लेने के लिए यात्रा कर सके। ऐतिहासिक निरंजन मठ परिसर में स्थापित यह विवेक स्मारक 81,000 वर्ग फुट से अधिक निर्मित क्षेत्र में फैला है।
स्वामी विवेकानंद के जीवन, संदेश और आदर्शों को समर्पित यह सांस्कृतिक युवा केंद्र मूल्य-आधारित शिक्षा, नेतृत्व विकास और व्यक्तित्व निर्माण का एक सशक्त केंद्र बनने का लक्ष्य रखता है। बयान में कहा गया है कि इस केंद्र से आसपास के शैक्षणिक संस्थानों के 10,000 से अधिक छात्रों, साथ ही शहरी और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। यहां व्याख्यान, कार्यशालाएं, अल्पकालिक पाठ्यक्रम और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो स्वामी विवेकानंद के राष्ट्र निर्माण और चरित्र निर्माण के दर्शन से प्रेरित होंगे।