By रेनू तिवारी | Jul 23, 2025
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने के प्रस्ताव पर इंडियन एक्सप्रेस से बात की। उन्होंने कहा कि हमें सरकार की ओर से इस बारे में कोई संकेत नहीं मिला है कि वे इस मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार हैं या नहीं। यह लोकतंत्र के मूल से जुड़ा मुद्दा है। यह एक नागरिक के मतदान के अधिकार से जुड़ा है... जबकि सरकार सार्वजनिक रूप से कहती है कि वह किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है, बंद दरवाजों के पीछे हुई बैठकों में उन्होंने इस मुद्दे का ज़िक्र तक करने से इनकार कर दिया है, कि इस पर चर्चा होगी।
गोगोई ने अपने ‘पोस्ट’ में कहा, ‘‘पीठासीन अधिकारी की भूमिका में और इस्तीफा देने के दौरान, दोनों में एक संवैधानिक पद की गरिमा को बनाए रखा जाना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी के ट्वीट से इस्तीफे की राजनीतिक प्रकृति का पता चला है।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ‘पोस्ट’ में धनखड़ के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए कहा कि उन्हें विभिन्न पदों पर रहते हुए देश की सेवा करने के कई अवसर मिले।
उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के धनखड़ के फैसले से इन अटकलों का बाजार गर्म हो गया है कि क्या ‘‘स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने’’ ही मुख्य कारण है या बात कुछ और है। कांग्रेस का दावा है कि धनखड़ के इस्तीफे के पीछे के कारण उनके द्वारा बताई गई स्वास्थ्य समस्याओं से कहीं अधिक गंभीर हैं।
कांग्रेस ने कहा कि उच्च पद पर आसीन किसी व्यक्ति के जाने पर उसकी जो प्रशंसा की जाती है, वह सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से नहीं दिखी जो इस बात का संकेत है कि सरकार उनके जाने से शायद खुश है। हालांकि यह विपक्ष ही था जिसने पिछले वर्ष धनखड़ के कथित पक्षपात के लिए उन पर महाभियोग चलाने के नोटिस पर हस्ताक्षर किए थे।