पीएम रोजगार सृजन योजना: कभी कोचिंग में पढ़ाते थे मनोज, अब पौने 2 करोड़ का टर्नओवर, आप भी करें आवेदन

By जे. पी. शुक्ला | Oct 26, 2026

पटना के मनोज कुमार शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है जो नौकरी के बजाय अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं। कभी कोचिंग में पढ़ाकर परिवार का खर्च चलाने वाले मनोज ने मेडिकल फर्नीचर के कारोबार में कदम रखा। आज उनकी यूनिट में करीब 25 लोग काम कर रहे हैं और उनके मुताबिक कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब पौने दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कारोबार बढ़ाने में उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी PMEGP और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) से मिली मदद का लाभ मिला।

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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) केंद्र सरकार की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है। इसे MSME मंत्रालय के तहत KVIC लागू करता है। इसका उद्देश्य नए माइक्रो एंटरप्राइज शुरू कराकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है। योजना में बैंक लोन के साथ मार्जिन मनी सब्सिडी दी जाती है।

PMEGP के खास फायदे

- फाइनेंशियल सपोर्ट और मार्जिन मनी सब्सिडी: PMEGP, माइक्रो-एंटरप्राइज शुरू करने या बढ़ाने वाले एंटरप्रेन्योर्स के लिए शुरुआती फाइनेंशियल बोझ को कम करने के लिए मार्जिन मनी सब्सिडी देता है। सब्सिडी कैटेगरी और जगह के हिसाब से अलग-अलग होती है, जिसमें ग्रामीण इलाकों और महिलाओं, SC/ST और दिव्यांग लोगों जैसी खास कैटेगरी के लिए ज़्यादा सपोर्ट होता है। सब्सिडी और बेनिफिशियरी कंट्रीब्यूशन के बाद, बाकी प्रोजेक्ट कॉस्ट को शेड्यूल्ड बैंक फाइनेंस करते हैं, जिससे नए एंटरप्रेन्योर्स के लिए ज़्यादा पर्सनल इन्वेस्टमेंट के बिना कैपिटल पाना आसान हो जाता है।
- सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट को बढ़ावा: यह स्कीम नॉन-फार्म सेक्टर में सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट को बढ़ावा देती है, जिसमें लोगों और सेल्फ-हेल्प ग्रुप (SHG) जैसे ग्रुप दोनों को टारगेट किया जाता है। यह नए एंटरप्रेन्योर्स को मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज़ और ट्रेड में काम के बिज़नेस शुरू करने में मदद करता है, जिससे सस्टेनेबल रोज़गार बनता है और सैलरी वाली नौकरी पर डिपेंडेंस कम होती है।
- रोज़गार पैदा करना और इकोनॉमिक डेवलपमेंट: नए माइक्रो-एंटरप्राइज़ को सपोर्ट करके, PMEGP ग्रामीण और शहरी इलाकों में रोज़गार के मौके पैदा करता है। इससे ग्रामीण इलाकों से शहरी इलाकों में माइग्रेशन रोकने में मदद मिलती है, सैलरी कमाने की कैपेसिटी बढ़ती है और लोकल इकोनॉमिक ग्रोथ में मदद मिलती है।
- पहली बार एंटरप्रेन्योर्स के लिए एनकरेजमेंट: यह स्कीम खास तौर पर पहली बार बिज़नेस ओनर्स के लिए फायदेमंद है, जो उन्हें अपने वेंचर्स के लिए एक मज़बूत फाउंडेशन बनाने के लिए फाइनेंशियल और एडवाइजरी सपोर्ट देती है

कितना प्रोजेक्ट लगा सकते हैं?

मौजूदा नियमों के अनुसार PMEGP में अधिकतम प्रोजेक्ट लागत इस प्रकार है:
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर: 50 लाख रुपये तक
- सर्विस सेक्टर: 20 लाख रुपये तक
- सब्सिडी की दर श्रेणी और ग्रामीण/शहरी क्षेत्र के आधार पर 15% से 35% तक हो सकती है।
- सामान्य श्रेणी में लाभार्थी का अपना योगदान सामान्यतः 10% और विशेष श्रेणी में 5% होता है।

ध्यान रखें, यह पूरी रकम सरकार मुफ्त में नहीं देती। बैंक प्रोजेक्ट के आधार पर लोन मंजूर करता है और पात्रता के अनुसार सरकारी मार्जिन मनी सब्सिडी लोन से जुड़ती है।

कौन कर सकता है आवेदन?

PMEGP की आधिकारिक जानकारी के अनुसार:
- आवेदक की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- नई यूनिट शुरू करने के लिए आवेदन किया जा सकता है।
- मैन्युफैक्चरिंग में 10 लाख रुपये से अधिक और सर्विस/बिजनेस में 5 लाख रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट के लिए कम से कम 8वीं पास होना जरूरी है।
- एक परिवार से केवल एक व्यक्ति को नई यूनिट के लिए सहायता मिल सकती है।
- पहले से चल रही यूनिट सामान्य नई-इकाई सहायता के लिए पात्र नहीं है।
- जिस प्रोजेक्ट में पूंजीगत खर्च नहीं है, उसे PMEGP के तहत वित्त नहीं किया जाता।

आवेदन कैसे करें?

PMEGP के लिए ऑनलाइन आवेदन आधिकारिक पोर्टल के जरिए किया जा सकता है। आवेदन में प्रस्तावित कारोबार, प्रोजेक्ट लागत, अपनी हिस्सेदारी और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी देनी होती है। इसके बाद संबंधित प्रक्रिया के तहत आवेदन की जांच और बैंक स्तर पर ऋण संबंधी निर्णय होता है। सरकार ने संभावित आवेदकों की मदद के लिए PMEGP हेल्पडेस्क और मॉडल प्रोजेक्ट रिपोर्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई है।

आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

PMEGP में लोन या सब्सिडी गारंटीड नहीं है। कारोबार की व्यवहार्यता, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, पात्रता और बैंक की क्रेडिट प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। इसलिए आवेदन से पहले अपने कारोबार का खर्च, बिक्री, कच्चा माल, मशीनरी और संभावित रोजगार का स्पष्ट अनुमान तैयार करें।

मनोज शर्मा की कहानी दिखाती है कि छोटा शुरू किया गया कारोबार सही योजना और वित्तीय मदद से आगे बढ़ सकता है। लेकिन PMEGP को मुफ्त पैसा समझने के बजाय इसे बैंक लोन से जुड़ी सरकारी मार्जिन मनी सब्सिडी योजना के रूप में समझना जरूरी है। इच्छुक व्यक्ति आधिकारिक PMEGP पोर्टल पर पात्रता और आवेदन प्रक्रिया देखकर ही आगे बढ़ें।

- जे. पी. शुक्ला 

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