कोरोना से लड़ाई में PM मोदी के अहम सिपाही, जानिए कौन-कौन हैं शामिल

By अभिनय आकाश | Apr 27, 2020

देश-दुनिया में कोरोना का साया इस कदर छाया है कि हर तरफ इसी को लेकर चर्चा होती है। महामारी ने विश्व के 200 से ज्यादा मुल्कों अपनी चपेट में ले लिया है। खौफ और दहशत हरेक व्यक्ति में है। आजकल वायरल सर्दी और जुकाम के जरा सा लक्ष्ण होने पर भी कोरोना का डर लोगों को सताने लगता है। हालांकि ये शंका स्वाभाविक भी है। डर और शंका के इस दौर में भारत के लिए थोड़ा राहत देने वाली खबर भी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार देश में कोरोना वायरस की वजह से बनी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आ रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर हॉटस्पॉट बनाए गए कई जिले अब नॉन हॉटस्पॉट जिले बन रहे हैं यानी ऐसे स्थानों पर संक्रमण पर काबू पाने में सफलता मिली है।

बीते दिनों एक खबर आई कि केन्द्र सरकार ने शीर्ष स्तर की नौकरशाही में रविवार को फेरबदल करते हुए स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन को 30 अप्रैल के बाद तीन महीने का कार्य विस्तार दिया है। केन्द्र सरकार का यह कदम काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि वायरस संक्रमण से निजात पाने में स्वास्थ्य मंत्रालय अग्रणी भूमिका निभा रहा है। कोरोना से लड़ने के लिए संयम, संकल्प और संतुलन के मंत्र का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से देशवासियों से मुखातिब होते हुए करते हैं। लेकिन धरातल पर कोरोना से जंग में भी इसे अमल करते हुए भारत सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों के बेहद संतुलित और सधे हुए विशेषज्ञों की एक स्पेशल टीम बनाई है जो पीएम मोदी की सहायता करती है। मार्च की शुरुआत में बनाई गई यह टीम पीएम को महामारी से जुड़े हर टेक्निकल पॉलिसी डिसिजन पर सलाह देती है। प्रधान सचिव पीके मिश्रा इन सभी से कोऑर्डिनेट करते हैं। आइए आपको कोरोना से जंग में पीएम मोदी की स्पेशल टीम के बारे में बताते हैं।

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प्रीति सूदन

केन्द्र सरकार ने शीर्ष स्तर की नौकरशाही में रविवार को फेरबदल करते हुए स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन को 30 अप्रैल के बाद तीन महीने का कार्य विस्तार दिया है। वह महीने के अंत में सेवानिवृत्त होने वाली थीं। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने सूदन की सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें तीन महीने का कार्य विस्तार देने का निर्णय लिया है। आदेश के अनुसार, अब वह 31 जुलाई तक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव बनी रहेंगी। प्रीति सूदन लगातार राज्‍यों के संपर्क में रहकर कोरोना को रोकने की कोशिश में लगी हैं। वह केंद्र के सभी डिपार्टमेंट्स से कोऑर्डिनेट करती हैं ताकि सरकार की पॉलिसीज ठीक से लागू हो सकें।

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पीके मिश्रा

डॉ.प्रमोद कुमार मिश्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव हैं। वह सभी कोर ग्रुप्‍स से कोऑर्डिनेट करते हैं, एक्‍सपर्ट्स के टच में रहते हैं। हर फैसले और सुझाव को लेकर मिश्रा पीएम मोदी के पास जाते हैं। डॉ.पीके मिश्रा, गुजरात कैडर से ताल्लुक रखते हैं और 1972 बैच के आईएएस अफसर हैं। कृषि, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, नियामक मामले और आधारभूत संरचना सरीखे विभिन्न क्षेत्रों में वह कई प्रोग्राम्स का प्रबंधन कर चुके हैं।

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डॉ. वीके पॉल

नीति आायोग के इस अधिकारी के अधीन इलाज और दवाई की सुविधा पहुंचाने, प्राइवेट सेक्टर और एनजीओ के साथ कोऑर्डिनेशन और लॉकडाउन को लेकर बनीं अलग-अलग कमिटियां काम कर रही हैं। 

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के. विजयराघवन

कोरोना से लड़ाई के लिए बने एक दूसरे ग्रुप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पीएसए के. विजयराघवन लीड कर रहे हैं। इसमें 9 सदस्य हैं। यह ग्रुप एक एंपावर्ड कमिटी है जो साइंटिस्ट, साइंस से जुड़ीं एजेंसियों और रेगुलेटरी बॉडी से कॉर्डिनेट कर रही है। रिसर्च और डिवलेपमेंट पर तेजी से फैसले हों, इसकी जिम्मेदारी इस ग्रुप की है।

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डॉ. रमन गंगाखेडेकर

डॉ. रमन गंगाखेडेकर को अब लगभग हर भारतीय पहचानता होगा। वह कोरोना के खिलाफ लड़ाई में शुरू से ही सरकार का चेहरा रहे हैं। हेल्‍थ मिनिस्‍ट्री में जॉइंट सेक्रटरी लव अग्रवाल की तरह वह रोज मीडिया के सामने आकर कोविड-19 के आंकड़े देश को बताते हैं। डॉ. गंगाखेडेकर आईसीएमआर के टॉप महामारी विशेषज्ञ और टेस्टिंग पर भी नजर रखते हैं।

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