By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 22, 2025
केरल उच्च न्यायालय ने कहा है कि पुलिस को जांच की आड़ में संदिग्ध व्यक्तियों अथवा कुख्यात अपराधियों के दरवाजे खटखटाने या रात में उनके घरों में घुसने का कोई अधिकार नहीं है।
याचिका स्वीकार करते हुए अदालत ने व्यक्ति के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और उससे संबंधित सभी कार्यवाही को रद्द कर दिया और कहा कि ‘‘जांच की आड़ में, पुलिस कुख्यात अपराधियों के दरवाजे नहीं खटखटा सकती या उनके घरों में जबरन घुस नहीं सकती।’’
अदालत ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को यह समझना चाहिए कि घर की अवधारणा ‘‘आवास के रूप में अपनी भौतिक अभिव्यक्ति से परे है और भावनात्मक एवं सामाजिक आयामों के एक समृद्ध ताने-बाने को समेटे हुए है।’’
इसने कहा, ‘‘दूसरे शब्दों में, हर आदमी का घर उसका महल या मंदिर होता है। किसी व्यक्ति के जीवन के अधिकार में गरिमा के साथ जीने का अधिकार शामिल है और गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता।