By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 28, 2021
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर से सुर्खियों में है। सिद्धू की “पुलिसवाले की पैंट गीली होने’’ संबंधी कथित टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया है और पुलिस के अधिकारियों ने इसे “शर्मनाक” करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता दलजीत सिंह चीमा ने कथित टिप्पणी को लेकर सिद्धू की आलोचना की वहीं चंडीगढ़ के एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें मानहानि का नोटिस भेजा। चंडीगढ़ के पुलिस उपाधीक्षक दिलशेर सिंह चंदेल ने कहा, मैंने पुलिस को अपमानित करने के लिए उन्हें मानहानि का नोटिस भेजा है। एक उपनिरीक्षक ने बयान की निंदा करते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया। लुधियाना से कांग्रेस के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू तक ने पुलिसकर्मियों की तरफदारी की और कोविड-19 के वक्त में तथा उग्रवाद के दौरान उनकी भूमिका की प्रशंसा की। विवाद तब शुरू हुआ जब सिद्धू ने हाल ही में सुल्तानपुर लोधी में एक रैली में विधायक नवतेज सिंह चीमा की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह थानेदार (पुलिस वाले) की पैंट गीली करा सकते हैं।” उन्होंने रविवार को बटाला में एक रैली के दौरान यह बात दोहराई जब स्थानीय नेता अश्विनी सेखरी उनके साथ खड़े थे।
उन्होंने सिद्धू को उनकी सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मियों को वापस करने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा, (सुरक्षा) बल के बिना, एक रिक्शा चालक भी उनकी बात नहीं सुनेगा। चंदेल ने कहा, “मैं इस टिप्पणी की कड़ी निंदा करता हूं और उन्हें (सिद्धू) अपने बल के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। बल की अपनी गरिमा और सम्मान है और इस गरिमा को बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।” जालंधर ग्रामीण में तैनात पंजाब पुलिस के उपनिरीक्षक बलबीर सिंह ने भी सिद्धू की टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, एक वरिष्ठ नेता ने हमारे खिलाफ इस तरह की का इस्तेमाल किया, मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। उन्होंने पंजाब के डीजीपी से भी अनुरोध किया कि पुलिस की छवि खराब न होने दें। चंडीगढ़ डीएसपी और पंजाब पुलिस सब-इंस्पेक्टर के वीडियो पर टिप्पणी करते हुए, लुधियाना के सांसद बिट्टू ने राज्य से आतंकवाद को खत्म करने में पंजाब पुलिस की भूमिका की प्रशंसा की।