By सुयश भट्ट | Jun 02, 2021
भोपाल। राजधानी भोपाल में जूडा की हड़ताल खत्म कराने के लिए अब प्रशासन अलग अलग पैतरे इस्तेमाल कर रहीं है। जानकारी मिली है कि 1 जून को आधी रात को एक डॉक्टर के घर पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने घर जाकर डॉक्टर के माता-पिता पर दबाव बनाते हुए कहा कि आपके बच्चे जो कुछ भी कर रहे है वो गलत है और आपको उन्हें ये समझाना चाहिए। बताया जा रहा है कि गांधी मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष के मकान पर लगभग 2 घंटे तक पुलिस बैठी रही। इसकी जानकारी भोपाल जीएमसी के अध्यक्ष ने रात 2:00 बजे घर के फोटो और वीडियो जारी कर दी है।
हरीश ने कहा कि उनके माता-पिता सिंगरौली में अकेले रहते हैं जिनके साथ सिर्फ एक बहन है। ऐसे में आधी रात को दो पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और माता-पिता को बेवजह परेशान करते हुए उनसे पूछताछ करने लगे। डॉ. हरीश ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि लगाया कि उन्होंने धमकी भरे अंदाज में पिता को समझाया है और कहा कि आपका बेटा जो कर रहा है वह गलत कर रहा है, उसको समझाओ। पुलिसकर्मी हरीश के घर में ही मौजूद रहे और उनके माता-पिता पर बेटे को समझाने का दबाव बनाते रहे।
हरीश ने आगे कहा कि उनका कसूर क्या यही है कि उन्होंने साल भर पूरे कोविड काल में मरीजों की जान बचाई और सरकार ने उसका खामियाजा यह दिया कि उनके माता-पिता को रात में पुलिस भेज कर डराया और धमकाया जा रहा है। उन्होंने सभी डॉक्टरों से गुजारिश की है कि अब समय एकजुट होकर इस हड़ताल को जारी रखना हैं।
बता दें कि जूडा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद मीणा ने कहा कि सिर्फ हरीश के घर ही नहीं बल्कि कई और डॉक्टरों के घर भी सरकार ने आधी रात को पुलिस भेजकर दबाव बनाने की कोशिश की है। ऐसे में यह बड़ा ही अटपटा लगता है जब अपने अधिकारों के लिए ही इस देश में इन डॉक्टर को लड़ना पड़ रहा है जो दूसरों की जान बचाने का काम करते हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सोचा नहीं था कि सरकार इतना गिर जाएगी कि अब पुलिस भेजकर डॉक्टरों के माता-पिता को डराया और धमकाया जाए।