By अनन्या मिश्रा | Oct 24, 2026
हर साल 24 अक्टूबर को विश्व पोलियो दिवस मनाया जाता है। इस दिन लोगों को पोलियो टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरुक किया जाता है। वहीं 24 अक्टूबर को दुनिया भर में पोलियो के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। पोलियो एक वायरल संक्रमण है, जोकि रीढ़ की हड्डी की नसों को प्रभावित करता है। वहीं भारत ने भी पोलियो के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। लेकिन वैश्विक स्तर पर अभी भी यह बीमारी एक महत्वपूर्ण चुनौती है। तो आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास, थीम और महत्व आदि के बारे में..
वहीं साल 2002 में WHO यूरोपीय क्षेत्र को पोलियो मुक्त घोषित किया गया था। तभी से हर साल 24 अक्टूबर को विश्व पोलियो दिवस मनाया जाता है और लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरुक करने का काम किया जाता है। क्योंकि यह ऐसी गंभीर बीमारी है, जो 5 साल से कम उम्र के बच्चों को होती है और इससे बचाव के लिए बच्चों को समय पर सभी टीके देना जरूरी है। वहीं साल 2014 में भारत भी पोलियो मुक्त देश बन गया था।
विश्व स्वास्थ्य सभा ने साल 1988 में वैश्विक पोलियो उन्मूलन पहल को समर्थन दिया था। हर साल दुनिया में उस समय करीब 3.5 लाख पोलियो के मामले सामने आते थे। लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्रयासों, टीकाकरण और निगरानी की वजह जंगली पोलियोवायरल के मामलों में करीब 99% से अधिक कमी आई है।
हर साल विश्व पोलियो दिवस के मौके पर एक खास थीम रखी जाती है। इस बार यानी कि 2026 में 'एक दिन, एक लक्ष्य: पोलियो का खात्मा।' थीम रखी गई है।