By विजयेन्दर शर्मा | Jun 08, 2021
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के दिल्ली दौरे के साथ प्रदेश का सियासी महौल एकाएक गरमा गया है जिससे सत्तारूढ दल भाजपा में नेता सरगर्म हो गये हैं ताकि अपने अपने हिसाब से सत्ता व संगठन में ओहदेदारी हासिल कर सकें। यू तो प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं लेकिन चुनावों से पहले प्रदेश में तीन उपचुनाव संभावित हैं। जो सितंबर माह तक होने हैं। इनमें मंडी संसदीय सीट और फतेहपुर व जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव शामिल हैं। मंडी से भाजपा के सांसद राम शर्मा के निधन से सीट खाली हुई है। इसी तरह भाजपा के जुब्बल-कोटखाई से विधायक नरेन्दर बरागटा का हाल ही में निधन हो चुका है। इससे पहले फतेहपुर के विधायक सुजान सिंह पठानिया का भी निधन हो चुका है।
प्रदेश के चार नगर निगम चुनाव के बाद भाजपा उपचुनाव को किसी भी तरह से हलके में नहीं लेना चाहेगी। हाल ही में हुए पालमपुर व सोलन नगर निगम में भाजपा को पराजय का मुंह देखना पड़ा था जबकि धर्मशाला नगर निगम में भी भाजपा मुश्किल से कांग्रेस को हरा पाई। प्रदेश में उपचुनाव का इतिहास भी सरकार के साथ नहीं रहा है। सत्तारूढ़ दल भी उपचुनाव हारते रहे हैं लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार 2019 में पच्छाद व धर्मशाला में हुए दोनों उपचुनाव जीती थी और अब तीन उपचुनाव सामने हैं।