By अंकित सिंह | Oct 12, 2022
भारत के पूर्व कप्तान और वरिष्ठ खिलाड़ी रहे सौरव गांगुली की बीसीसीआई अध्यक्ष पद से विदाई होने वाली है। जानकारी के मुताबिक पूर्व खिलाड़ी रोजर बिन्नी बीसीसीआई के नए अध्यक्ष बन सकते हैं। वहीं जय शाह बीसीसीआई के सेक्रेटरी बने रहेंगे। सौरव गांगुली के बीसीसीआई से विदाई के बाद अब राजनीति शुरू हो गई है। तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि सौरव गांगुली भाजपा में शामिल नहीं हुए, इसलिए उन्हें अब बीसीसीआई से हटाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर भाजपा ने साफ शब्दों में कहा है कि इसमें राजनीति का कोई लेना देना नहीं है। आपके लिए जानना यह भी जरूरी है कि सौरव गांगुली की लगातार भाजपा में शामिल होने की खबरें चलती रही थीं। लेकिन ऐसा अब तक नहीं हो सका है सौरभ गांगुली के रिश्ते भाजपा और तिरुमल दोनों से बेहतर है
भाजपा के दिलीप घोष ने कहा कि हमें पता ही नहीं कि हमने उन्हें भाजपा में शामिल करने की कोशिश कब की। सौरव गांगुली एक दिग्गज क्रिकेटर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें नहीं पता कि भाजपा ने सौरव गांगुली को पार्टी में शामिल करने की कोशिश कब की। सौरव गांगुली एक दिग्गज क्रिकेटर हैं। कुछ लोग अब बीसीसीआई में बदलाव पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। क्या उनकी कोई भूमिका थी जब उन्होंने बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था। टीएमसी को हर मुद्दे का राजनीतिकरण करना बंद कर देना चाहिए। भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी ‘प्रिंस ऑफ कोलकाता’ के नाम से लोकप्रिय गांगुली को पार्टी में शामिल करने की कोशिश नहीं की।