By अंकित सिंह | Jul 14, 2026
कांग्रेस नेता दानिश अली ने राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित हेराफेरी की जल्द जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट से कराने की मांग की है। उन्होंने मामले को दबाए जाने की आशंका जताई है और मौजूदा जांच की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए हैं। अली ने ANI से कहा कि देखिए, यह साबित हो चुका है कि जो लोग रखवाले थे, वही चोर निकले। चढ़ावे की चोरी इतनी गंभीर घटना है कि इसकी सज़ा सिर्फ़ सुप्रीम कोर्ट ही तय कर सकता है।
उन्होंने इस प्रक्रिया को मामले को दबाने की कोशिश बताया और कहा कि SIT ने अपनी रिपोर्ट सबसे पहले ट्रस्ट के एक पदेन सदस्य को सौंपी। ट्रस्ट ही FIR की मांग कर रहा है और ट्रस्ट ही रिपोर्ट भी मांग रहा है। यह मामले को दबाने की कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है। इस चंदे की चोरी के तार ऊंचे ओहदे वाले लोगों से जुड़े हैं।
अली ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की उस मांग का समर्थन किया जिसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक तय समय-सीमा के भीतर जांच की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि हमारे अध्यक्ष अजय राय ने राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज से एक तय समय-सीमा के भीतर जांच कराने की मांग की है। मकसद साफ और सीधा है: जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। चढ़ावे की चोरी के दोषियों को बचाया नहीं जाना चाहिए। इसीलिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक तय समय-सीमा के भीतर जांच होनी चाहिए।
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