By अंकित सिंह | May 06, 2024
लोकसभा चुनाव को लेकर प्रचार जबरदस्त तरीके से चल रहा है। हालांकि, राजनीतिक दल लोगों को अपने पक्ष में करने के लिए तरह-तरह के दावे और वादे कर रहे हैं। इन सबके बीच पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार चरणजीत सिंह चन्नी ने कुछ ऐसा बयान दिया जिसके बाद भाजपा हमलावर हो गई। दरअसल, हमने हाल के दिनों में देखा है कि कैसे सेना को लेकर भी खूब राजनीति होती है। विपक्ष सवाल खड़े करता है तो सत्ता पक्ष इसे राष्ट्रीय सुरक्षा पर हमला बताती है। इस चुनावी मौसम में सेना को लेकर कुछ खास चर्चा नहीं हुई थी। लेकिन चन्नी के बयान के बाद से एक बार फिर से भारतीय सी राजनीति के केंद्र में आ गई है।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेतृत्व से इस बयान से सैनिकों का अपमान करने के लिए देशवासियों से माफी मांगने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘वे हमारी सेना का अपमान करते हैं। वे हमारी सेना की क्षमता पर सवाल उठाते हैं।’’ उन्होंने पूछा, ‘‘क्या कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए हमारे वीर जवानों का अपमान करेगी।’’ मनजिंदर सिंह सिरसा ने चन्नी के बयान को भयावह और सैनिकों के प्रति अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस कह रही है कि उन्हें चुनाव के कारण शहीद किया गया। यह मानसिकता न केवल भयावह है बल्कि हमारे देश की सेवा करने वालों के लिए अपमानजनक भी है।’’ अजय आलोक ने कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी अपना दिमाग खो बैठे हैं। क्या एक पूर्व मुख्यमंत्री को ऐसे घृणित बयान देना शोभा देता है? देश के जवानों पर ऐसी ओछी राजनीति केवल कांग्रेस पार्टी ही कर सकती है। यह उनकी संस्कृति है।
अनंतनाग-राजौरी लोकसभा क्षेत्र में मतदान से तीन सप्ताह पहले शनिवार को पुंछ जिले में आतंकवादियों ने भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के काफिले पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें एक सैनिक की मौत हो गई और चार घायल हो गए। इसी को लेकर कांग्रेस नेता का बयान आया था जिसे भाजपा ने मुद्दा बना लिया है। जाहिर सी बात है कि भाजपा अब राष्ट्रवाद की पिच पर बैटिंग करने की कोशिश करेगी। भाजपा यह लगातार दावा करती रही है कि नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद देश अपने दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब दे रहा है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सभाओं में लगातार कह रहे हैं कि पहले जब आतंकी हमले होते थे तो कांग्रेस की सरकार डोजियर भेजती थी, लेकिन अब हम सीधे घर में घुसकर डोज देते हैं। कुल मिलाकर देखें तो इस मुद्दे पर राजनीति होगी। इसे चुनाव में भुनाने की कोशिश की जाएगी। कांग्रेस भी इसमें पीछे नहीं रहेगी। इस हमले को लेकर सरकार पर निशाना साधेगी और साफ तौर पर खामियों को उजागर करने की कोशिश करेगी। कांग्रेस ने चिंता जताते हुए यह तो कह दिया कि केंद्र के सरकार ने देश की सुरक्षा के साथ समझौता किया है।