By अंकित सिंह | Apr 22, 2025
वक्फ संशोधन अधिनियम को लेकर सियासत तेज है। विपक्ष सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ा देश है और इस देश की एक-एक इंच ज़मीन का सही इस्तेमाल होना चाहिए। इसमें कोई विवाद नहीं होना चाहिए। दुनिया में सबसे ज़्यादा ज़मीन वक्फ संपत्ति के तौर पर भारत में है। 9 लाख 72 हज़ार से ज़्यादा वक्फ संपत्तियां भारत में हैं लेकिन इसका इस्तेमाल गरीब मुसलमानों के लिए नहीं हो रहा है। इसका दुरुपयोग, संपत्ति पर कब्ज़ा करके इसकी लूट, चिंता का विषय है। इसलिए जब हमने भूमि विधेयक में संशोधन किया तो हमारे दो मुख्य उद्देश्य थे - गरीब मुसलमानों को फ़ायदा पहुंचाना और संपत्ति की लूट और दुरुपयोग को रोकना।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कई नेता कह रहे हैं कि यह विधेयक संविधान के अनुसार नहीं है और संसद को इसे पारित करने का अधिकार नहीं है। तो मैं उन सभी से पूछना चाहता हूं कि 1954 में किस संसद ने वक्फ संशोधन विधेयक लाया और पारित किया। फिर 1995 में वक्फ संशोधन विधेयक एक अधिनियम बन गया। उस अधिनियम में संशोधन हुए। तो किस संसद ने ऐसा किया और किस प्रावधान के तहत? मेघवाल ने आगे कहा कि फिर 2013 में भी ऐसा ही किया गया। अब जब पीएम मोदी इसे लेकर आए हैं तो वे सवाल उठा रहे हैं। 2025 में पारित विधेयक संविधान के अनुसार किया गया है और संसद को इसे पारित करने का अधिकार है।