लखनऊ में लगे पोस्टर- 'सिखों के नरसंहार की जिम्मेदार कांग्रेस की नहीं चाहिए फर्जी सहानुभूति', 'राहुल- प्रियंका वापस जाओ'

By रेनू तिवारी | Oct 06, 2021

लगभग एक साल से पंजाब सहित कई राज्यों के किसान भारत सरकार द्वारा बनाये गये नये कृषि कानून का विरोध कर रहे हैं। पिछले काफी समय़ से दिल्ली के बॉर्डर को किसानों ने प्रदर्शन का गढ़ बना लिया है। वह बॉर्डर से नहीं हट रहे हैं। कोर्ट ने भी इस मामले में हस्ताक्षेप किया और धरना दे रहे किसानों को फटकार लटाई है। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों के प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों के बीच संघर्ष हुआ जिसमें 4 किसानों सहित आठ लोगों की मौत हो गयी। इस घटना के बाद से ही इलाके में काफी गंभीर माहौल है।

इसे भी पढ़ें: शिवराज कैबिनेट की बैठक में हुई संपन्न, कई फैसलों पर लगी सरकार की मुहर

प्रशासन घटना की जांच कर रहा है। मामला काफी पेचीदा है जिसके कारण घटना स्थल सहित आसपास के इलाकों धारा 144 लागू कर दी गयी है। लखीमपुर खीरी की हिंसा के बाद विपक्षी पार्टियां सरकार पर काफी दबाव बना रही हैं। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। 

उत्तर प्रदेश में आने वाले साल 2022 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। अब चुनाव में काफी कम समय बचा है। विपक्षी पार्टियां सरकार को घेरने के लिए लखीमपुर खीरी में घटना स्थल पर जाकर राजनीति करना चाहती है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच कर्ता और पुलिस को छोड़कर किसी को भी लखीमपुर खीरी हिंसा स्थल पर जाने की अनुमति नहीं है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, भूपेश बघेल, सचिन पायलट सहित विपक्ष के नेता लखीमपुर खीरी जाने की जिद में अड़े हैं और सरकार पर तीखे हमले कर रहे हैं। 

किसानों की मौत को लेकर अक्रामक तरीके से सरकार को घेर रही विपक्षी पार्टियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश में कई जहग पोस्टर लगाए गये हैं। लखनऊ और तमाम शहरों में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ पोस्टर लगाए गए है। पोस्टर में साफ तौर पर कांग्रेस पार्टी पर हमला किया गया है और उसे किसानों की मौत पर राजनीति करने वाली पार्टी बताया है। कुछ सिख सोसाइटी की तरफ से ये पोस्टर जारी किए गये हैं। 

 

साहिब श्री गोविंद सिंह सेवा समिति के अध्यक्ष सरदार त्रिलोकन सिंह की तरफ से जारी पोस्टर में लिखा गया कि- नहीं चाहिए फर्जी सहानुभूति। 1984 के दंगों के जिम्मेदारों से लखीमपुर के किसानों तो सहानुभूति नहीं चाहिए। 

 

दसमेश सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष की तरफ से जारी पोस्टर में लिखा गया है 1984 के सिखों के नर संहार के जिम्मेदार आज सिक्खों के जख्मों पर नमक न डालें। इस तरह के कई और पोस्टर लगाये गये हैं। 

 


प्रमुख खबरें

Delhi में बस का सफर होगा Super-Fast, Smart Bus Stop पर मिलेगी रूट से लेकर भीड़ तक की Real-time जानकारी.

FIFA World Cup पर सियासी बवाल, USA में सुरक्षा को लेकर ईरान ने उठाए गंभीर सवाल।

फुटबॉल क्लब Chelsea पर गिरी गाज, Premier League ने लगाया 100 करोड़ का जुर्माना और कड़े प्रतिबंध

Rajasthan Royals क्यों छोड़ा? Sanju Samson ने CSK जॉइन करने पर तोड़ी चुप्पी, बताई असली वजह