प्रभु ने की विमान ईंधन को GST के दायरे में लाने की वकालत

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 07, 2019

नयी दिल्ली।नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि विमान ईंधन (एटीएफ) को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि इससे घरेलू विमानन उद्योग को कारोबार के समान अवसर उपलब्ध होंगे।

प्रभु ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के लिये इनपुट लागत प्रतिस्पर्धी होनी चाहिये। उन्होंने एटीएफ को जीएसटी के दायरे में लाने की वकालत करते हुए कहा कि राज्यों में कर की अलग दरों के कारण एटीएफ का दाम अधिक हो जाता है।

प्रभु ने कहा, ‘‘हर राज्य में अलग कर है। इसके कारण विमानन कंपनियों के लिये ईंधन का खर्च पूरी तरह से बदल जाता है। मुझे लगता है कि इसे खत्म किया जाना चाहिये। मुझे उम्मीद है कि जीएसटी परिषद इस पर गौर करेगी और हम इसे लगातार परिषद के सामने रख रहे हैं।’’

इसे भी पढ़ें: कॉरपोरेट जगत को सरकार की सौगात! टैक्स दरें कम और टैक्स आधार बढ़ाने का वादा

उन्होंने कहा, ‘‘हम एटीएफ को जीएसटी के दायरे में लाने के लिये लगातार काम करते रहेंगे ताकि घरेलू कंपनियों को कारोबार के समान अवसर उपलब्ध हो सकें तथा विमानन ईंधन की कीमत का पहले से अंदाज लगाना संभव हो सके।’’उल्लेखनीय है कि विमानन कंपनियां लंबे समय से एटीएफ को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग कर रही हैं।

प्रमुख खबरें

उत्तर प्रदेश: Rajya Sabha की 10 और विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव कार्यक्रम तय

Chhattisgarh में भारी बारिश: CM Vishnu Deo Sai ने शनिवार को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया

सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री Ram Govind Chaudhary का 74 वर्ष की उम्र में निधन

Allahabad High Court ने जब्त XUV के दुरुपयोग और सड़क हादसे की DGP जांच के दिए आदेश