By अंकित सिंह | Sep 06, 2022
पिछले एक महीने से बिहार की राजनीति लगातार सुर्खियों में रही है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले तो एनडीए से नाता तोड़कर महागठबंधन के साथ मिलकर सरकार बना ली। उसके बाद अब 2024 चुनाव को लेकर रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में वह दिल्ली पहुंचे जहां उन्होंने विपक्ष के कई नेताओं से मुलाकात की है। नीतीश कुमार लगातार विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने की बात कह रहे हैं। इन सबके बीच चुनावी रणनीतिकार और वर्तमान में बिहार की राजनीति में दिलचस्पी दिखाने वाले प्रशांत किशोर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि बिहार में जो हाल के दिनों में राजनीतिक उथल-पुथल की घटना हुई है, वह राज्य के स्तर पर थी। इसका केंद्र की राजनीति में कोई असर नहीं पड़ने जा रहा है।
प्रशांत किशोर सीतामढ़ी जिले में थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नया बागी रुख “राजनीतिक अस्थिरता” का प्रतीक है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई भाजपा के उदय के बाद से बिहार लगातार इसका सामना कर रहा है। साथ ही साथ प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर भी खुद की राय रखी। प्रशांत किशोर ने कहा कि हम केवल एक बात निश्चित रूप से कह सकते हैं कि चाहे कुछ भी हो, नीतीश कुमार सत्ता पर काबिज रहेंगे जैसे कि वह इतने वर्षों से करते आए हैं। आपको बता दें कि प्रशांत किशोर कभी नीतीश कुमार के बेहद करीबी थे। 2015 में महागठबंधन के लिए उन्होंने चुनावी रणनीति तैयार की थी। बाद में वह जदयू में शामिल हो गए। नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया। हालांकि, बाद में विवाद के बाद उन्होंने जदयू से दूरी बना ली।