By अंकित सिंह | Nov 20, 2025
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने गुरुवार को बिहार विधानसभा चुनाव में खाता भी नहीं खोल पाने के बाद भितिहरवा गांधी आश्रम में मौन व्रत रखा। यह कदम ऐसे समय उठाया गया जब नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य एनडीए नेताओं की मौजूदगी में ऐतिहासिक 10वीं बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले, मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किशोर ने घोषणा की थी कि वह 20 नवंबर को गांधी भितिहरवा आश्रम में एक दिन का मौन व्रत रखेंगे।
सत्तारूढ़ एनडीए ने चुनावों में भारी जीत हासिल की, जिसमें भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, और जनता दल (यूनाइटेड) 85 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। चुनावी राजनीति में पदार्पण कर रही जन सुराज एक भी सीट नहीं जीत सकी। नीतीश कुमार का शपथ ग्रहण समारोह पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में हुआ, जहाँ 2005, 2010 और 2015 में उनके शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो चुके हैं। यहीं पर जयप्रकाश नारायण ने 1974 में अपने भाषण में "संपूर्ण क्रांति" का आह्वान किया था।
एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री भी शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित थे। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और लोजपा (रालोद) प्रमुख चिराग पासवान सहित अन्य लोगों ने गांधी मैदान में आयोजित समारोह में भाग लिया।