By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 12, 2022
ईटानगर। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बृहस्पतिवार को विविधता से भरे पूर्वोत्तर राज्यों की चुनौतियों से निपटने और सतत विकास हासिल करने के लिए एक कार्ययोजना तैयार किए जाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों और स्थलाकृति संबंधी विशेषताओं की बहुलता महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं लेकिन पूर्वोत्तर की विविध शक्तियों से उनकी भरपाई होती है। लोकसभा अध्यक्ष ने पूर्वोत्तर की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए इस क्षेत्र के लोगों के परिश्रम, मेहनती लोकाचार और उनकी प्रतिभा का उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमें इस बात पर विचार करना होगा कि जनभागीदारी और सहयोग से क्षेत्र के लिए विकास योजनाएं कैसे तैयार की जाएं जिससे जातीय विरासत, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करते हुए रोजगार सृजित हों और समृद्धि सुनिश्चित की जा सके। बिरला ने जोर दिया कि अगर सरकार नीतियां बनाते समय लोगों के विचारों को ध्यान में रखती है और उनकी आकांक्षाओं के अनुसार शासन करती है, तो लोगों में कोई असंतोष नहीं पैदा होगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बिजली, जलापूर्ति, स्वास्थ्य शिक्षा, पर्यटन और संपर्क जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम चल रहा है तथा इनसे लोगों के लिए विकास और समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत होगी।