By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 04, 2026
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन की रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस के बर्ताव की रविवार को निंदा की और पुलिसकर्मियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। प्रेस क्लब का यह बयान शनिवार को विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान तीन महिला पत्रकारों द्वारा पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाये जाने के एक दिन बाद आया है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसे उनकी शिकायतें मिली हैं और उसने ‘‘निष्पक्ष जांच’’ के लिए उन्हें अपराध शाखा को सौंप दिया गया है।
प्रेस क्लब ने मांग की कि दिल्ली पुलिस महिला पत्रकार की शिकायत पर कार्रवाई करे और यह सुनिश्चित करे कि मीडियाकर्मी बिना किसी हमले या धमकी के अपना काम कर सकें। महिला पत्रकारों ने उक्त आरोप राष्ट्रीय राजधानी में उन विरोध प्रदर्शनों के बीच लगाए, जिनमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सीईसी के इस्तीफे की मांग की गई है। शुक्रवार को, आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं आतिशी और सौरभ भारद्वाज समेत 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों और छात्र व युवा संगठनों के सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया।
ये लोग निषेधाज्ञा के बावजूद जंतर-मंतर पर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षा इंतजामों के तहत मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं और 12 मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश एवं निकास को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था। शनिवार को प्रदर्शनकारी फिर से जंतर-मंतर पर पहुंचे, जहां भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, नागरिक अधिकार कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत लगभग 150 लोगों को हिरासत में ले लिया गया।
रविवार को भी विरोध-प्रदर्शन जारी रहे। छात्र समूहों ने इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक मार्च का आह्वान किया और पुलिस ने मध्य दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी। प्रेस क्लब ने शुक्रवार को जंतर-मंतर और उसके आस-पास इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने की भी निंदा की और कहा कि इस कदम से विरोध प्रदर्शनों की कवरेज कर रहे पत्रकारों को परेशानी हुई।
प्रेस क्लब ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह मनमाने ढंग से इंटरनेट बंद करने की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।