सिर्फ Cristiano Ronaldo को पास देने का दबाव? साथी खिलाड़ी ने World Cup में खोला बड़ा राज

By Ankit Jaiswal | Jun 22, 2026

विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में जब किसी मजबूत टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं होता, तो खिलाड़ियों और रणनीतियों पर चर्चा होना स्वाभाविक माना जाता है। इन दिनों पुर्तगाल की टीम भी कुछ ऐसी ही चर्चाओं के केंद्र में है। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के खिलाफ पहले मुकाबले में 1-1 की बराबरी के बाद टीम के प्रदर्शन और विशेष रूप से क्रिस्टियानो रोनाल्डो की भूमिका को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, कॉन्सेइसाओ ने स्पष्ट कहा कि टीम के किसी खिलाड़ी पर रोनाल्डो को ही गेंद देने का कोई दबाव नहीं होता। उन्होंने कहा कि मैदान पर खिलाड़ी उसी साथी को गेंद देते हैं जो बेहतर स्थिति में हो और जिसके पास गोल करने का अधिक अवसर हो। उनके अनुसार टीम का लक्ष्य सामूहिक प्रदर्शन है, न कि किसी एक खिलाड़ी के इर्द-गिर्द खेलना।

फ्रांसिस्को कॉन्सेइसाओ ने कहा कि क्रिस्टियानो रोनाल्डो टीम के महत्वपूर्ण सदस्य हैं, लेकिन उन्हें भी बाकी खिलाड़ियों की तरह ही देखा जाता है। उनका मानना है कि किसी भी टीम की सफलता के लिए हर खिलाड़ी का योगदान जरूरी होता है और सामूहिक प्रयास के बिना अच्छे परिणाम हासिल नहीं किए जा सकते हैं।

बता दें कि कॉन्सेइसाओ ने रोनाल्डो की जमकर प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि 41 वर्ष की उम्र में भी रोनाल्डो जिस जुनून और समर्पण के साथ खेल रहे हैं, वह युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके अनुसार रोनाल्डो का करियर, नेतृत्व क्षमता और गोल करने की कला उन्हें दुनिया के सबसे विशेष खिलाड़ियों में शामिल करती है।

उन्होंने कहा कि गोल करने के मामले में रोनाल्डो की बराबरी करना आसान नहीं है। यही कारण है कि टीम में उनकी मौजूदगी खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देती है। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि रोनाल्डो का काम भी बाकी खिलाड़ियों की तरह टीम की मदद करना है और पूरा ध्यान सामूहिक सफलता पर केंद्रित है।

गौरतलब है कि पुर्तगाल अब अपने दूसरे ग्रुप मुकाबले में उज्बेकिस्तान का सामना करेगा। यह मैच ह्यूस्टन में खेला जाएगा और पुर्तगाल के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पहले मैच में अंक गंवाने के बाद टीम पर जीत का दबाव बढ़ गया है।

फ्रांसिस्को कॉन्सेइसाओ ने स्वीकार किया कि पहले मुकाबले का परिणाम टीम की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी खुद इस बात से निराश हैं और उन्हें पता है कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके। उनके अनुसार जब परिणाम अच्छे नहीं आते तो आलोचनाएं बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन टीम इन परिस्थितियों से घबराने वाली नहीं है।

उन्होंने भरोसा जताया कि पुर्तगाल की टीम में गुणवत्ता की कोई कमी नहीं है और अगले मुकाबले में खिलाड़ी अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन करेंगे। विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि पुर्तगाल को नॉकआउट चरण की दौड़ में मजबूती से बने रहना है तो उज्बेकिस्तान के खिलाफ जीत हासिल करना बेहद जरूरी होगा।

फिलहाल फुटबॉल जगत की नजरें पुर्तगाल और क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर टिकी हुई हैं। आने वाले मुकाबलों में टीम का प्रदर्शन ही यह तय करेगा कि आलोचनाओं का जवाब मैदान पर किस तरह दिया जाता है और क्या पुर्तगाल अपनी विश्व कप चुनौती को नई दिशा देने में सफल हो पाता है।

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