By दिव्यांशी भदौरिया | May 19, 2026
गर्मियों के मौसम में कान से संबंधित समस्याएं तेजी से देखने को मिलती हैं। खासकर कान में खुजली, दर्द, भारीपन, पानी भरने जैसा एहसास और इंफेक्शन संबंधित समस्याएं काफी होती है। सबसे बड़ा कारण गर्मी,नमी, ज्यादा पसीना और स्विमिंग जैसी एक्टिविटी मानी जाती है।
स्विमिंग से बढ़ता है कान में इंफेक्शन का खतरा
स्विमिंग के समय कान में पानी चले जाना भी इंफेक्शन का बड़ा कारण बनता है। असल में पूल का पानी पूरी तरह से साफ नहीं रहता है, इसमें मौजूद बैक्टीरिया कान के अंदर जाकर इंफेक्शन पैदा कर सकते हैं। अगर पानी लंबे समय तक कान में फंसा रहता है, तब कान के अंदर नमी बनी रहती है और इससे 'स्विमर्स ईयर' यानी मेडिकल भाषा में 'ओटाइटिस एक्सटर्ना' कहा जाता है। यह एक तरह से ईयर कैनाल को प्रभावित करता है। इसमें कान में दर्द, सूजन और सुनने में परेशानी होने लगती है।
पसीना भी बढ़ाता है कान में इंफेक्शन
गर्मियों के मौसम में सबसे ज्यादा पसीना आता है, जो कि कानों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। पसीने और धूल के कारण कान के आसपास गंदगी जमा होने लगती है, जिससे बैक्टीरिया और फंगस को बढ़ाने का मौका मिलता है। यदि व्यक्ति को बार-बार कान खुजाता है या ईयरबड्स और हेडफोन लंबे समय तक इस्तेमाल करता है, तो इंफेक्शन का खतरा और बना रहता है।
कुछ लोग कान को साफ करने के लिए ईयरबड्स या नुकीले चीजे डालकर कान को साफ करते हैं, जिससे कान में छोटे-छोटे घाव बन जाते हैं और इंफेक्शन आसानी से फैल सकता है। कान में मौजूद वैक्स प्राकृतिक सुरक्षा का काम करता है, इसलिए इसे बार-बार हटाना भी सही नहीं होता है।
गर्मियों में कान कैसे सुरक्षित रखें
- समर में कानों को सुरक्षित रखने के लिए स्विमिंग के बाद कानों को अच्छी तरह सुखाना जरुरी है।
- गीले कानों को लंबे समय तक बिल्कुल छोड़ें और जरुरत पड़ने पर साफ तौलिए या ड्रायर की हल्की हवा का इस्तेमाल करें।
- बहुत ज्यादा पसीना आने पर कान और इसके आसपास की सफाई बनाए रखें।
- इसके साथ ही तेज आवाज में ईयरफोन का इस्तेमाल कम करें।
- कोई भी कान में नुकीली चीज न डालें।