धर्म परिवर्तन निवारण विधेयक का मकसद क्राइम करने वालों में भय बैठानाः मुख्यमंत्री

By विजयेन्दर शर्मा | Mar 22, 2022

शिमला ।  विधेयक,2022 का मकसद क्राइम करने वालों में भय बैठाना है। समय-समय पर चीजों में परिवर्तन होता है। कई बार किसी गंभीर मामले में आईपीसी होने के बावजूद बी एक्ट बनाए जाते हैं, ताकि अपराध करने वालों को डर रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी मर्जी से जो मर्जी धर्म परिवर्तन करे लेकिन जबरदस्ती किसी के साथ ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। धोखे से या किसी तरह का लालच देकर अगर धर्म परिवर्तन करवाय जाएगा तो उन पर कार्रवाई होगी। इस विधेयक का मकसदन जबरदस्ती होने वाले धर्म परिवर्तन को कंट्रोल करना है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि चार साल में 6 जिलों में धर्म परिवर्तन 127 एफआईआर दर्ज हुई। यमुनानगर, पानीपत, गुरुग्राम, पलवल, फरीदाबाद में धर्म परिवर्तन के मामले ज्यादा देखने को मिले हैं। इस वजह से विधेयक लाया गया है। मुख्यमंत्री ने चंगाई सम्मेलन, ग्लोबल पीस जैसे एनजीओ समेत प्रदेश से जुड़े कई उदाहरण देकर जबरदस्ती होने वाले धर्म परिवर्तन के मामले को उठाया। मुख्यमंत्री ने इस विधेयक हरियाणा के साथ-साथ देश हित में बताया।

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